उत्तर प्रदेश: गंगा नदी का जलस्तर बढ़ा
प्रदेश में मानसून सक्रिय है, कई नदियों का जलस्तर भी उफान पर है। इसका असर जहां आम आदमी पर पड़ रहा है वहीं भगवान भी इससे प्रभावित हो रहे हैं। गंगा का जलस्तर बढऩे से बनारस से मंदिरों में पानी भर रहा है, वाराणसी में होने वाली पवित्र गंगा की आरती का समय भी इसी के चलते बदलना पड़ा है।
प्रदेश में कई स्थानों पर मूसलाधार बारिश हुई। घाघरा, यमुना व गंगा जैसी नदियों के जल स्तर में बढ़ोत्तरी जा रही है। धार्मिक नगरी वाराणसी में गंगा के जलस्तर में वृद्धि के चलते तमाम ऐतिहासिक घाट और मंदिरों पानी में भर रहा है। निचले जगहों पर बने कई मंदिर पानी में डूब गये हैं।
मौसम विभाग के अनुसार वाराणसी में गंगा के जलस्तर में पिछले 48 घंटों में काफी वृद्धि हुई है। पानी बढऩे से दशाश्मेध घाट पर होने वाली गंगा आरती का स्थान बदलना पड़ा है। चौबीस घंटे मंदिर व घाट पर रहने वाले पुजारियों व पंड़ों को भी इधर-उधर शरण लेनी पड़ रही है। वहीं आगामी 16 जुलाई से वाराणसी का ऐतिहासिक सावन मेला भी शुरू होने वाला है। सावन में पडऩे वाले सोमवार के लिए मंदिरों में तैयारियां अभी से शुरु कर दी गयी हैं।
सावन में बड़ी सं या में कांवरिये वाराणसी आते हैं और बाबा विश्वनाथ पर गंगाजल चढ़ाकर पूजा-अर्चना करते हैं। बारिश के कारण यहां कई क्षेत्रों में जलभराव हो गया है, जिससे सावन की तैयारियों के लिए भी खासी मशक्कत करनी पड़ रही है। मौसम विभाग के अनुसार गंगा नदी का जलस्तर आठ सेंटीमीटर प्रति घंटे की र तार से बढ़ रहा है। विभाग ने पूर्वी और मध्य उत्तर प्रदेश में अगले चौबीस घंटे में भारी बरसात की चेतावनी दी है। बरसात के साथ तेज हवा भी चल सकती है।
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