रामदेव रिटर्न: गांधीवादी हुए बाबा रामदेव

रामलीला मैदान पर सरकार के खिलाफ आंदोलन कर रहे बाबा रामदेव को पुसिल गिरफ्तार कर हरिद्वार ले गई थी। गिरफ्तारी से बचने के लिए बाबा रामदेव ने महिलाओं के वेश में वहां से भागने की भी कोशिश की थी। लेकिन वे इसमें नाकामयाब रहे थे। आज 21 दिन बाबा रामदेव अपनी एक भक्त राजबाला से मिलने दिल्ली पहुंचे। इस मौके पर उन्होंने प्रेस कॉफ्रेंस भी आयोजित की।
अपने आंदोलन में राजनीति को शामिल करने की भूल कर चुके बाबा रामदेव ने आज प्रेस कॉफ्रेंस में कहा कि उनकी न तो कोई पार्टी है और न ही किसी पार्टी की दम पर उन्होंने आंदोलन किया। उन्होंने कहा कि मैं किसी राजनीतिक दल का मुखौटा नहीं हूं, मैं एक हिंदुस्तानी हूं।
राजनीति और अपने समर्थकों के दम पर सरकार के भ्रष्टाचार और काला धन के मामले में घेरने की सोच रखने वाले बाबा रामदेव को लगने लगा था कि उनका आंदोलन फेल होने जा रहा है। अन्ना हजारे के आंदोलन को सफल होता देख बाबा रामदेव भी गांधीगिरी की नीति पर चल पड़े हैं।












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