फर्जी दस्तावेज पर कहता था सरला मेरी है, अब जेल जाएगा

सरला वत्स दिल्ली नजफगढ़ की रहने वाली है। सात मार्च 2011 को उसकी शादी मंडावली दिल्ली के रहने वाले गोपाल से हुई। शादी के बाद अचानक राकेश शर्मा नाम का युवक उसकी ससुराल आ धमका। उसने बताया कि वह गाजियाबाद में शिवपुरी का रहने वाला है। उसका सरला से 13 मई 2010 को विवाह हो चुका है।
उसने मंदिर में हुई शादी का प्रमाण पत्र, शपथ पत्र, तहसील में रजिस्ट्रार का बना मैरिज सर्टिफिकेट भी दिखाया। सरला ने दावा किया कि उसकी पहले शादी नहीं हुई थी, राकेश झूठ बोल रहा है। लेकिन शादी के दस्तावेजों के आगे उसकी दलील कमजोर पड़ गई। गोपाल और उसके ससुरालवाले भी उसे संदेह की नजर से देखने लगे। उसने एसएसपी रघुबीर लाल से जांच की मांग की। एसएसपी ने महिला थानेदार अलका अग्रवाल को जांच सौंपी।
जांच में पाया गया कि राकेश गाजियाबाद का नहीं, बल्कि हरियाणा का रहने वाला है। वह राजस्थाना में पत्थर की मूर्तियां बनाता था। वर्ष 2008 में सरला जयपुर से बीएड कर रही थी, तब दोनों की मुलाकात हुई थी। बीएड करने के बाद सरला दिल्ली वापस लौटी थी। जांच में पाया कि उसने दस्तावेजों में सरला का पता भी शिवपुरी, गाजियाबाद लिखाया था, जबकि वह दिल्ली की रहने वाली है। शादी का प्रमाण पत्र और शपथ पत्र फर्जी हैं।
जिस पंडित से शादी कराने का दावा किया गया, उस नाम का कोई पंडित वहां नहीं रहता। राकेश के माता-पिता ने भी बयानों में कहा कि वे शादी में शरीक नहीं थे। जब शादी ही नहीं हुई तो फिर रजिस्ट्रार के यहां शादी को रजिस्टर कैसे करवा लिया गया? रजिस्ट्रार के यहां सरला के अंगूठे के निशान और हस्ताक्षर को जांच के लिए एफएसएल आगरा भेजा जा रहा है। फिलहाल शादी को फर्जी पाते हुए जांच रिपोर्ट के आधार पर एसएसपी ने सिहानी गेट कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज करने के निर्देश दिए हैं।












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