दिल्ली में जून के अंत में आएगा मानसून

ताजा भविष्यवाणी मानसून के मौजूदा रुख को देखते हुए की गई है। जून से सितंबर के बीच होने वाली मानसूनी बारिश का अंतर्राष्ट्रीय कमोडिटी बाजार पर सीधा असर पड़ता है, क्योंकि इससे भारत में पैदा होने वाली फसलें खासतौर पर गेहूं, चावल, तिलहन और गन्ने का भविष्य जुड़ा होता है। बदहाली में चल रहा शेयर बाजार भी आस भरी नजरों से मानसून को देख रहा है। विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री पवन कुमार बंसल ने बताया कि देशभर में मानसूनी बारिश के 95 फीसदी रहने के आसार हैं।
नया पूर्वानुमान दक्षिण-पश्चिम मानसून 29 मई तक (सामान्य तारीख 1 जून से तीन दिन पहले) केरल पहुंचने के बाद किया गया। अप्रैल में मौसम के पहले पूर्वानुमान में सरकार ने कहा था कि इस बार 98 फीसदी बारिश के साथ मानसून सामान्य रहेगा। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के महानिदेशक अजीत त्यागी के मुताबिक हिंद महासागर में 'ला नीना" की स्थिति कमजोर होने के चलते मानसूनी बारिश में कमी आने के आसार बने हैं। उन्होंने बताया कि दिल्ली में मानसून अब अपने तयशुदा वक्त 29 जून तक पहुंच जाने की उम्मीद है।












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