नक्सली मु्द्दे पर चिदंबरम मिले उड़ीसा-छत्तीसगढ़ के सीएम से

इसके लिए उन्होंने जो आंकड़ा पेश किया उसके अनुसार, पिछले साल तक इस समय तक जहां 473 मौतें हुई थीं, वहीं इस साल यह संख्या 270 है। यानी 270 मौतों से गृहमंत्री खुश है। नक्सली समस्या पर वह कितना नकेल कस पाए उससे ज्यादा वे इस बात से खुश थे कि नक्सली हिंसा में कमी आई है।
गृहमंत्री पी. चिदंबरम ने खुद प्रेस कांफ्रेंस में बताया कि 14 जून तक देश के विभिन्न हिस्सों में नक्सली हिंसा से कुल 270 लोगों की जानें गई हैं। इनमें सुरक्षा बल के 80 जवान और 190 नागरिक शामिल हैं। पिछले साल कुल 473 लोगों की मौत हुई थी, जिनमें 177 सुरक्षा बल के लोग थे और 296 आम लोग। उन्होंने कहा कि नक्सलियों ने 72 लोगों को पुलिस का मुखबिर बता कर मार डाला।
हालांकि चिदंबरम ने इस बात का खुलासा करने से इंकार कर दिया कि नक्सलियों से लोहा लेने के लिए ताजा बैठक में क्या नई रणनीति बनाई गई है, लेकिन गृह मंत्रालय सूत्रों का कहना है कि समीक्षा बैठक में पाया गया है कि खास कर विभिन्न राज्यों की सीमा के इलाकों में नक्सलियों के खिलाफ मोर्चा लेने की जरूरत है।
इस लिहाज से सिर्फ उड़ीसा और छत्तीसगढ़ के लिए पांच बटालियन केंद्रीय अर्ध सैनिक बल भेजे जाएंगे। चिदंबरम ने भी माना कि उड़ीसा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री रमन सिंह के साथ बैठक में इन दोनों राज्यों ने अपनी कुछ जरूरतें बताई हैं, जिनको केंद्र पूरा करेगा। माना जा रहा है कि खास कर उड़ीसा और छत्तीसगढ़ में नक्सल विरोधी साझा अभियान को तेज किया जाएगा।












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