84 दंगों के लिए आईपीएस आमोद कंठ को नोटिस

मुख्य न्यायाधीश दीपक मिश्रा और न्यायमूर्ति संजीव खन्ना की खंडपीठ ने निर्देश दिया है कि क्यों न दायर अपील को स्वीकार कर लिया जाए। कोर्ट ने पीडि़त परिवार अमरीक सिंह की अपील पर सुनवाई करते हुए मामले की सुनवाई 16 सितंबर तय की है।
अमेरीक के अधिवक्ता ने अदालत को बताया कि इन दोनों अधिकारियों ने वीरता पुरस्कार लेने के लिए उनके मुवक्किल के परिवार को हत्या दंगा इत्यादि झूठे मामले में फंसा दिया। सभी सबूतों से साफ हो गया है कि पुलिस को जो हथियार उनके मुवक्किल से बरामद हुई थी हत्याएं उससे नहीं हुईं और आखिर सरकार को उनके मुवक्किलों सहित परिवार के अन्य सदस्यों के खिलाफ मुकदमा वापस लेना पड़ा। जब मुकदमा ही फर्जी साबित हो गया तो उस मामले के आधार पर मिले पुलिस पदक ले लिया जाए।












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