बाबा रामदेव और सरकार के बीच वार्ता फेल, अनशन होगा!

जबकि सरकार की ओर से मीडिया में कहा गया कि बाबा को मनाने के लिए सरकार ने हर संभव कोशिश की है। कपिल सिब्बल ने कहा कि हमने उन्हें लिखित रूप में सारी बातों को मानने के लिए कहा था । हमने बाबा से कहा है कि आपने जो भी मांग रखी है वो एक दिन में तो पूरी नहीं हो सकती हैं। खैर वार्ता में जो कुछ भी हुआ है उसके बारे में बाबा आपको खुद ही बतायेगें।
इससे पहले खबर आ रही थी कि बाबा रामदेव और सरकार के बीच में सारी बातों के बीच में सुलह हो गयी है। अब बाबा एक दिन का सांकेतिक सत्याग्रह करेगे लेकिन ये उपवास अब सेलिब्रेशन के रूप में होगा। बाबा रामदेव से सरकार लिखित आश्वासन चाहती थी जिस पर खुद बाबा का हस्ताक्षर हो लेकिन बाबा ने ऐसे किसी भी समझौते पर साइन करने से मना कर दिया । बाबा चाहते थे कि उनकी जगह उनके प्रवक्ता बालकृष्णन साइन करें। ताकि बाबा ये ना कह सके कि वो सत्याग्रह करने से पहले उन्होंने सरकार से कोई समझौता किया है।
आपको बता दें कि बाबा रामदेव के आंदोलन से घबरायी सरकार लगातार बाबा को मनाने में लगी हुई थी। बाबा औऱ सरकार के बीच पहली मीटिंग विफल हो चुकी थी। दूसरी मीटिंग आज फाइव स्टार होटल क्लेरिजेज में हुई है। लगभग चार घंटे बंद कमरे में चली बाबा और कांग्रेसी नेता की बातचीत बेहद ही गुपचुप रही है ।
गौरतलब है कि सरकार की पूरी मंशा बाबा के आंदोलन को रोकने की थी जबकि बाबा कालेधन को भारत वापस लाओ की जिद पर अड़े हुए थे जिसके लिए उन्होंने कल से सत्याग्रह करने का ऐलान कर दिया था । सरकार की ओर से बाबा से बातचीत करने के लिए केन्द्रीय मंत्री कपिल सिब्बल औऱ सुबोतकांत सहाय भेजे गये थे। सिब्बल ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से बातचीत करने के बाद ही बाबा से मिले हैं। इस बैठक से पहले रामलीला मैदान में बाबा के रूख में नरमी देखी गयी। बाबा ने कहा कि कुछ मुद्दों पर सरकार ने उनकी बात मानी हैं।
उनका आंदोलन राजनीतिज्ञ ना होकर बल्कि देश को भ्रष्टाचार मुक्त करना है। अगर काला धन भारत वापस आता है तो देश की सारी गरीबी मिट जायेगी। बाबा के समर्थन में हजारों की संख्या में लोग रामलीला मैदान में पहुंचे । उनका कहना है कि सरकार तो कुछ करेगी नहीं लेकिन बाबा जो कह रहे हैं वो जरूर कर के दिखायेगें। वो हमारे लिए भगवान बनकर आय़े हैं।
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