बाबा रामदेव से एग्रीमेंट लेकर मिलेगें कांग्रेसी नेता

बाबा के इस सत्याग्रह की वजह से प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से लेकर यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी व तमाम मंत्रियों के होश उड़े हुए हैं। सरकार किसी भी हालत में इस अनशन को रोकने के प्रयास में जुटी हुई है। इसके लिए लगातार बैठकों का दौर जारी है। वहीं रामलीला मैदान पर देश भर से लोगों का हुजूम लगना शुरू हो चुका है। सच पूछिए तो बाबा की तरफ भी तनाव कम नहीं है।
पहले हम बाबा के तनाव की बात करते हैं। बाबा के खेमें में समाजसेवियों की फेहरिस्त लंबी होती जा रही है। इन सबके बीच बाबा भी काफी तनाव में हैं, यही कारण है कि गुरुवार को प्रस्तावित प्रेसवार्ता बाबा ने कैंसल कर दी। हालांकि इसके पीछे दूसरा कारण यह भी है कि बाबा सभी के सवालों के जवाब देते-देते थक गये हैं और व अब अपना जवाब आंदोलन के रूप में देना चाहते हैं।
हालांकि बाबा ने यह जरूर साफ कर दिया है कि वो अपने आंदोलन की आगे की रणनीति का खुलासा शुक्रवार दोपहर को करेंगे। बाबा के करीबी आचार्य बालकृष्णन ने बताया कि सरकार कुछ हद तक बाबा की मांगें मानने को तैयार हो गई है। लेकिन इसके बाद भी तीन दिन के लिए बाबा का अनशन जरूर चलेगा।
उधर प्रधानमंत्री आवास पर कांग्रेस पार्टी की कोर ग्रुप की बैठक में शुक्रवार को सोनिया गांधी, वित्तमंत्री प्रणब मुखर्जी, गृह मंत्री पी चिदंबरम, एके एंटनी और अहमद पटेल ने वार्ता की। बैठक में एक एग्रीमेंट तैयार किये जाने पर संस्तुति प्रदान की गई, जिसे शनिवार दोपहर 1 बजे बाबा रामदेव से होने वाली वार्ता में रखा जाएगा। इससे पहले करीब साढ़े ग्यारह बजे कपिल सिब्बल, प्रणब मुखर्जी, सुबोध कांत सहाय व अन्य दो वरिष्ठ केंद्रीय मंत्री एक बैठक करेंगे, जिसमें तय किया जायेगा कि बाबा से कब और कहां मिलना है।
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