खुशबू हत्याकांड में दो लोगों को उम्रकैद

14 वर्षीय खुशबू पहले पति की संतान थी। चंद्रभान की नजर उसके पर मकान था। 21अप्रैल 2003 की सुबह को उसकी मां सीमा नौकरी पर गई थी, लेकिन जब वह शाम को लौटी तो खुशबू वहां से गायब थी। उसकी हत्या कर दी गई थी। पुलिस की लापरवाही के बाद बाद में हाईकोर्ट ने सीबीआई को मामले की जांच करने के आदेश जारी किए। 2007 में सीबीआई की विशेष अदालत में चंद्रभान पांडेय और उसके भाई सूरजभान पांडेय के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया।
सीमा ने कहा कि वह चंद्रभान से जल्द तलाक लेने जा रही है। जिस संपत्ति के चलते बेटी मारी गई उसे परिवार के ही एक सदस्य के नाम कर दिया है।












Click it and Unblock the Notifications