काल भैरव की पूजा कर सरकार पर काल बनकर आये बाबा रामदेव

चार जून को प्रस्तावित योगगुरु बाबा रामदेव के अनशन के घबराई सरकार अब अंतिम उम्मीद के साथ तीन जून को एक बार फिर बाबा को मनाने का प्रयास करेगी। केंद्रीय गृहमंत्री पी. चिदंबरम ने कहा कि बाबा रामदेव के शनिवार से प्रस्तावित सत्याग्रह पर चर्चा के लिए सरकार और बाबा के बीच अगले दौर की वार्ता शुक्रवार को होगी। चिदंबरम ने कहा कि मुझे बताया गया है कि वार्ता जारी रखने के लिए वे तीन जून को फिर से बैठक करने पर राजी हुए हैं और मैं सबको धैर्य बनाए रखने की सलाह देता हूं।
आपको बता दें कि सरकार ने रामदेव को मनाने की हरसंभव कोशिश शुरू कर दी है। बुधवार को जब बाबा रामदेव दिल्ली एयरपोर्ट पहुंचे तो उनकी आगवानी में केंद्र के चार मंत्री पहले से ही मौजूद थे। पर ये चारों कैबिनेट मंत्री वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी, मानव संसाधन मंत्री कपिल सिब्बल, पर्यटन मंत्री सुबोध कांत सहाय और संसदीय कार्य मंत्री पवन कुमार बंसल उन्हें मनाने में नाकाम रहे।
बाबा की मांग है कि
-सरकार करप्शन के खिलाफ अगस्त 2011 तक एक प्रभावी जन लोकपाल बिल पास करे।
-विदेशों में जमा ब्लैक मनी को वापस लाने के लिए कानून बने।
- विदेशों में भारतीयों द्वारा जमा ब्लैक मनी को तुरंत राष्ट्रीय संपत्ति
घोषित किया जाए।
- बाहर पैसा जमा कराने वालों पर देशद्रोह का केस दर्ज हो। सरकार इसमें
पूरी पारदर्शिता बरते। भ्रष्टाचारियों के नाम इंटरनेट पर अपलोड हों, ताकि
देश की जनता उसे देख सके।
- भ्रष्टाचारियों के खिलाफ मृत्युदंड का प्रावधान हो।
- देश के हर हिस्से से ब्रिटेन पर आधारित सिस्टम को खत्म किया जाए।
- सरकार यूनाइटेड नेशन्स कन्वेंशन अगेंस्ट करप्शन( UNCAC) पर तुरंत साइन करे।
- भ्रष्टाचार को रोकने के लिए बड़े नोट बंद किए जाएं। सरकार 1000, 500, 100
के नोट वापस मंगाए। तभी आंदोलन समाप्त होगा। सूत्रों का कहना है कि लगता
है कि इस बाबा रामदेव केंद्र सरकार को शीर्षासन करा कर ही छोड़ेंगे।












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