निवेशकों को एसएमएस कर भरोसा दिलाने में जुटा स्पीक एशिया

हमने लखनऊ के अलीगंज निवासी इंद्रेश कुमार से बात की तो उन्होंने बताया कि स्पीक एशिया में लॉगइन करने पर हर बुधवार सर्वे आता है और एक सर्वे करने पर 1000 रुपए अकाउंट में जुड़ जाते हैं। रही बात भुगतान की तो उस पर स्पीक एशिया लगातार मैसेज भेज रहा है कि उनका अकाउंट सील हो गया है, लिहाजा वो दूसरा अकाउंट खोलकर पैसा भेजेंगे। एक दिन में कम से कम 10 एसएमएस निवेशकों के पास आ रहे हैं।
इंद्रेश कुमार ने बताया कि पिछले 20 दिन से नई आईडी नहीं बन रही हैं। जिन लोगों ने 12 मई से पहले पैसा लगाया था उनका थोड़ा बहुत वापस आ गया है, लेकिन उसके बाद के जितने लोगों ने पैसा लगाया उन्हें अभी तक एक पैसा नहीं मिला। इंद्रेश का स्पीक एशिया पर भरोसा अभी भी कायम है। उनका कहना है कि पिछले छह महीने से वो इस पर पैसा लगा रहे थे। सर्वे के तुरंत बाद सर्वे का पैसा टीडीएस कट कर अकाउंट में आ जाता था।
वहीं लखनऊ की वजीर हसन रोड निवासी डा. अमित कुमार पांडेय इसके उलट बातें बतायीं। डा. पांडेय का कहना है कि कंपनी अब सिर्फ लोगों को एसएमएस भेज कर बेवकूफ बना रही है। उसके लखनऊ कार्यालय पर ताला लग चुका है। अब यहां के लोग कहां जायें, क्या करें कुछ पता नहीं। हर बुधवार सर्वे आने का सीधा मतलब यही है कि जिन कंपनियों से स्पीक एशिया ने पैसा लिया है, उनका काम करना भी जरूरी है। वरना वो कंपनियां स्पीक एशिया का गला पकड़ सकती हैं।
ये तो रही निवेशकों से बातचीत, अब अगर सरकारी कदम की बात करें तो आयकर विभाग ने फिलहाल किसी प्रकार का मुकदमा कंपनी के खिलाफ दर्ज नहीं किया है। खाते फ्रीज़ किये जा चुके हैं। कई कार्यालयों पर दबिश डाली गई और कागजात जब्त कर लिये गये। यह सब करके आयकर विभाग लोगों का पैसा वापस दिलवा पायेगा या नहीं। यह अभी भी एक बड़ा सवाल है। वो इसलिए क्योंकि जब तक मुकदमा दर्ज नहीं होगा और चार्जशीट दाखिल नहीं होगी, तब तक स्पीक एशिया ऐसे ही फलता-फूलता रहेगा।












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