राज्य अतिथि का दर्जा नहीं लेंगे आडवाणी, नरेंद्र मोदी
उत्तर प्रदेश की मायावती सरकार से दो-दो हाथ करने की तैयारी में जुटी भारतीय जनता पार्टी की कार्यसमिति की बैठक में पार्टी चुनावी रणनीति पर चर्चा करेगी। राजधानी के साइंटिफिक कन्वेंशन सेंटर में होने वाली कार्यसमिति की बैठक में पार्टी के ढेरों नेता हिस्सा लेंगे। पार्टी प्रवक्ता के अनुसार मायावती सरकार का लोकतंत्र में विश्वास नहीं रहा। उनके अंहकार का कद इस कदर बढ़ा हुआ है कि राज्य में केन्द्रीय मंत्रियों तक को राज्य अतिथि का दर्जा नहीं दिया जाता बल्कि उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाता है।
अर्त भाजपा बैठक में आने वाले उच्च सुरक्षा घेरे में रहने वाले पूर्व उप प्रधानमंत्री लाल कृष्ण आडवाणी व गुजरात के मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी, छत्तीसगढ के मुख्यमंत्री रमन ङ्क्षसह, झारखण्ड के मुख्यमंत्री अर्जुन मुण्डा, कर्नाटक के मुख्यमंत्री येदुरप्पा, उत्तराखण्ड के रमेश पोखरियाल निशंक तथा हिमाचल प्रदेश के प्रेम ङ्क्षसह धूमल जैसे नेता शामिल होंगे लेकिन वे राज्य अतिथि का दर्जा नहीं लेना चाहते।
गौरतलब है कि उच्च सुरक्षा घेरे वाले राजनेता जब भी किसी राज्य की यात्रा पर होते हैं तो वहां की सरकार का दायित्व होता है कि उन्हें राज्य अतिथि का दर्जा देते हुए उनकी सुरक्षा का पूरा प्रबंध करे। बावजूद इसके प्रदेश के विशेष पुलिस महानिदेशक बृजलाल ने कुछ भी कहने से इन्कार किया।
बृजलाल का कहना था कि वह इस पर कोई टिप्पणी नहीं करेंगे, सरकार नियमानुसार हर काम करेगी। फिलहाल भाजपा यह बात करके बसपा को एक फिर शर्मशार करने के मूड में। प्रवक्ता का कहना है कि बैठक में लोकसभा और राज्यसभा में नेता विपक्ष क्रमश: सुषमा स्वराज और अरुण जेटली भी शामिल होंगे। प्रवक्ता का कहना है कि यूं तो उच्च सुरक्षा घेरा में रहने वाले वरिष्ठ नेताओं की सुरक्षा व्यवस्था राज्य सरकार का संवैधानिक कर्तव्य है लेकिन यदि सरकार की ओर से इसमें कोई लापरवाही की गयी तो पार्टी कार्यकर्ता यह जिम्मेदारी भी संभाल लेंगे।













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