उत्तर प्रदेश: गंगा में समा गई नाव, 13 लोगों की मौत
लापता लोगों में से चार लोग एक ही परिवार के हैं। देर रात तक गोताखोरों ने कड़ी मशक्कत के बाद 9 लाशों को ढू़ढ कर बाहर निकाल लिया है। डीएम ने मृतकों के परिजनों को एक-एक लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। मांडा थाना क्षेत्र के झिलवर गांव निवासी अमृत लाल गुप्ता के पुत्र विजय की शादी संत रविदास नगर जनपद के मवैया तेलियानी गांव निवासी लालचंद्र की पुत्री मनीषा से तय हुई थी।
रविवार को विजय की बारात थी। इसमें शामिल होने के लिए मवैया तेलियानी गांव निवासी प्रदीप गुप्ता की पत्नी बिजली उर्फ रिची (23) अपने तीन वर्षीया पुत्री पूजा, एक वर्ष के पुत्र उत्कर्ष को लेकर अपने पिता बैजनाथ (60) निवासी खुरमा मांडा के साथ घर से निकली। बैजनाथ के साथ गांव के ही हरिहर नाथ (40), बलवीर और उसका भाई मनीष गुप्ता (22), शिवचंद्र गुप्ता निवासी गुदनपुर, दूल्हे के चाचा राजमणि गुप्ता (40) निवासी खवार का तारा, विनोद कुमार (30) निवासी जसोवर पहाड़ी थाना देहात कोतवाली जनपद मीरजापुर व खुरमा के तीन अन्य लोग भी थे।
ये सभी डेगूरपुर घाट पर पहुंचे, जहां उन्हें पीपा का पुल टूटा मिला। सभी ने नाव से उस पार जाने का फैसला किया। करीब नौ बजे नाव जैसे ही गंगा के बीचों-बीच पहुंची, अचानक तेज आंधी चली और नाव में पानी भर गया। जब तक कोई कुछ समझ पाता, नाव नदी में समा गई। उसमें सवार सभी लोग डूब गए। दोनों नाविक और शिवचंद्र गुप्ता व बलवीर गुप्ता तैर कर बाहर निकल आए, जबकि अन्य का पता नहीं चला। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और गोताखोरों की मदद से 9 लोगों के शवों को बाहर निकाल लिया गया। डीएम ने मृतकों के परिजनों को एक-एक लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है।
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