मोस्टवांटेड लिस्ट का एक और भगोड़ा मुम्बई जेल में मिला

पाकिस्तान को सौंपी गई भगोड़ों की सूची में 24वें नंबर पर दर्ज खान को पिछले साल फरवरी में ही गिरफ्तार कर लिया गया था। इस मामले की जांच खुद सीबीआइ कर रही थी और उसी के आरोप पत्र पर अदालत ने उसे जेल भेजा है। इसके बावजूद सीबीआइ ने उसे भगोड़ा सूची में शामिल कर लिया। यहां तक कि सीबीआइ ने इंटरपोल से उसके खिलाफ रेड कार्नर नोटिस वापस लेने का अनुरोध भी नहीं किया। दो दिन पहले मंगलवार को ऐसा ही एक मामला सामने आया था, जब सूची में 41वें नंबर पर दर्ज वजाहुल कमर खान को ठाणे में पुलिस निगरानी में रहता पाया गया था।
गृहमंत्री पी. चिदंबरम ने उस मामले को छोटी सी चूक बताया था और काफी हद तक इसकी जवाबदेही महाराष्ट्र पुलिस पर डाल दी थी। मगर ताजा मामले में जांच सीधे केंद्रीय एजेंसी सीबीआइ के ही पास है। इसलिए इसमें किसी राज्य सरकार पर ठीकड़ा नहीं फोड़ा जा सकता था। ऐसे में गुरुवार रात को सीबीआइ ने अपनी गलती मान भी ली। इसने दोषी अधिकारी की पहचान के लिए जांच का भरोसा दिलाया है।












Click it and Unblock the Notifications