महंगाई: नौ माह में नौ बार बढ़ी पेट्रोल की कीमत

तेल कंपनियां इस साल जनवरी से ही सरकार पर पेट्रोल की कीमत बढ़ाने का दबाव बनाए हुए थीं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत ढाई साल के सर्वोच्च स्तर 112 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच चुकी थी। मगर केंद्र सरकार विधानसभा चुनाव से पहले तेल के दाम बढ़ाकर कोई जोखिम नहीं उठाना चाहती थी। लिहाजा नतीजों की घोषणा के तुरंत बाद शनिवार को यह कदम उठा लिया गया। तीनों तेल कंपनियों ने पेट्रोल के दामों में शनिवार आधी रात से 4.99 रुपये से लेकर 5.01 रुपये प्रति लीटर की वृद्धि की है।
हालांकि अलग-अलग राज्यों में बिक्री कर की दर अलग-अलग होने के कारण ग्राहकों के लिए वृद्धि और अधिक हो सकती है। उल्लेखनीय है कि पिछले नौ महीने में यह नौवां मौका है जब पेट्रोल की कीमतों में बढ़ोतरी की गई है। जबकि यूपीए सरकार के दूसरे कार्यकाल में अब तक पेट्रोल की कीमतों में करीब 23 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी हो चुकी है। अगले सप्ताह ही डीजल और रसोई गैस की कीमतों में बढ़ोतरी के लिए मंत्रियों के अधिकार प्राप्त समूह की बैठक संभावित है। माना जा रहा है कि रसोई गैस की कीमत 20 से 25 रुपये प्रति सिलेंडर और डीजल की कीमत में तीन से चार रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी हो सकती है।












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