कनीमोझी पर फैसला 14 को, सीबीआई ने बताया मुख्य षड़यंत्रकारी

वो बस नाम की पेपर पर बीस प्रतिशत की हिस्सेदारी निभाती हैं जबक सच ये है कि क्लैगनार की असली मालकिन वो ही है, गौरतलब है कि कनिमोझी पर आरोप है कि वो क्लैगनार टीवी के माध्यम से देश की बड़ी कंपनियों से 2 जी स्पैक्ट्रम का लाइंसेस दिलवाने के लिए 200 करोड़ की घूस ली है। इस में उनका साथ दिया था पूर्व संचार मंत्री ए राजा ने।
आपको बता दें कि सीबीआई कोर्ट में तीन लोगों की पेशी हुई है, जिसमें कनीमोझी के अलावा क्लैगनार के एमडी शरद कुमार और सिनेयुग कंपनी के मालिक करीम मोरानी शामिल हैं। शुक्रवार को करीम मोरानी अपने खराब स्वास्थ्य का हवाला देते हुए कोर्ट में उपस्थित नहीं हुए थे, कोर्ट ने उनकी सुनवाई की तारीख 10 मई तय की है। फिलहाल कनीमोझी को फौरी तौर पर एक हफ्ते का वक्त मिल गया है, जिसे वो राहत कह सकती है।
इससे पहले शुक्रवार को कनीमोझी के वकील राम जेठमलानी ने इस पूरे घोटाले के पीछे ए राजा का हाथ बताया था, रामजेठलानी ने कहा था कि कनीमोझी एक महिला है इसलिए उन्हें जेल नहीं भेजा सकता है, ये उनका दुर्भाग्य है कि वो करूणानिधि की बेटी है, वरना उन्हें फंसाया नहीं जाता, उन्हें जानबूझ कर इस घोटाले में घसीटा जा रहा है।












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