पाकिस्तान को चाहिए अन्ना हजारे जैसा धर्मयोद्धा
हम बात करेंगे पाकिस्तान और भारत दोनो की। पाक में आतंकवाद और भारत में भ्रष्टाचार दोनों ही बड़ी समस्याएं हैं। पाकिस्तान ने हर बार इस बात से इंकार किया कि लादेन उसके पास है, लेकिन अब पाक की कलई खुल चुकी है। बात अगर ओसामा के बाद की करें तो 26/11 हमले के साजिशकर्ता व जमात-उल-दावा का मुखिया हाफिज़ सईद पाकिस्तान में खुला घूम रहा है। मुजाहिदीन और लश्कर-ए-तैयबा की तरह कई आतंकी संगठन अभी भी पाक की सरज़मीन पर फल-फूल रहे हैं।
अब अगर भारत की बात करें तो लगातार भ्रष्टाचारों के खुलासे ने देश भर को हिला कर रख दिया। जिसके बाद अन्ना हजारे जैसे धर्मयोद्धा ने आमरण अनशन कर भारत सरकार को लोक-पाल विधेयक लाने के लिए बाध्य किया। रातों-रात कमेटी गठित हो गई और भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई का पहला चरण शुरू हो गया।
क्या पाकिस्तान में अन्ना जैसा कोई है, जो अपने ही देश की सरकार के खिलाफ आमरण अनशन पर बैठ जाये और उन्हें आतंकी गतिविधियों को खत्म करने के लिए बाध्य करे। सच पूछिए तो पाकिस्तान को एक नहीं बल्कि कई अन्ना हजारे चाहिए होंगे, क्योंकि कट्टरपंथ की वजह से वहां जनता को एक मत करना भी काफी कठिन है।













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