एआईईईई का पर्चा बताता है शिक्षा माफियाओं की जड़ें कितनी मजबूत

ज्ञात हो कि पर्चा लीक होने की खबर उस वक्त आयी जब एसटीफ में लखनऊ में कुछ लोगों को पर्चें के साथ गिरफ्तार किया। उधर पर्चा लीक होने के साथ परीक्षा निरस्त किए जाने की खबरे उडऩे लगीं। परीक्षा निरस्त करने की खबर के साथ ही छात्रों ने हंगामा शुरू कर दिया। छात्रों के बढ़ते हंगामे के बाद सीबीएसई बोर्ड ने पर्चा दोपहर 12 बजे कराया।
इस बारे में विशेष महानिदेशक बृजलाल ने पर्चा लीक होने के बाद कहा कि पर्चा लीक कराने वाले गिरोह के तार सिर्फ लखनऊ व कानपुर ही नहीं बल्कि बिहार तक से जुड़े हैं। बृजलाल का बयान इस बात पुख्ता करने के लिए काफी है कि पुलिस सिर्फ लकीर पीटने से अधिक कुछ और करने की हैसियत में नहीं है।
रविवार को हुई परीक्षा में करीब 15 लाख परीक्षार्थी बैठे थे। सवेरे साढ़े नौ बजे शुरू होने वाली परीक्षा में जब छात्र परीक्षा केन्द्रों के भीतर बैठे तभी खबर आयी कि पर्चा लीक हो गया है अत: परीक्षा निरस्तर कर दी गयी है। परीक्षा निरस्त होने की जानकारी मिलने पर कानपुर व लखनऊ के कई परीक्षा केन्द्रों पर हंगामा शुरू हो गया। करीब एक घंटे के हंगामे के बाद अधिकारियों ने नोटिस बोर्ड पर एक सूचना चस्पा कर दी कि परीक्षा साढ़े बारह बजे से होगी। परीक्षा का समय बदले जाने के बाद उन छात्रों के लिए समस्या खड़ी हो गयी कि जिन्हें एफएमसी की भी परीक्षा देनी थी।
आखिरकार एआईईईई परीक्षा निदेशक प्रीतम सिंह ने घोषणा की कि छात्र घबराएं नहीं परीक्षा आगामी 8 मई को दोबारा आयोजत की जाएगी। जो छात्र रविवार को परीक्षा नहीं दे पाए हैं वे दोबारा परीक्षा दे सकते हैं। ज्ञात हो कि कई केन्द्रों पर परीक्षा शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो गयी थी। दूसरी ओर पर्चा लीक कराने के मामले पुलिस ने कुछ लोगों को गिरफ्तार किया जिसमें एक कोचिंग संचालक भी शामिल हैं। पुलिस का कहना है कि जांच चल रही है तथा गिरोह के कुछ तार बिहार व उत्तर प्रदेश के शिक्षा माफियाओं से जुड़े हैं और उन्हें भी जल्द ही पकड़ लिया जाएगा।












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