साईं ट्रस्ट की सफाई हमने नहीं मंगवाया ताबूत

उन्होंने कहा, "हमने ताबूत लाने का आदेश कभी नहीं दिया। श्रद्धालुओं में बाबा के प्रति असीम भक्ति है और उन्हीं में से एक भक्त द्वारा यह भेजा गया था।" उन्होंने कहा कि उचित प्रबंध करने के लिए हमने एक ताबूत की तलाश थी और वह बाबा के देह त्यागने के बाद लाया गया था। बाबा के ताबूत का विवाद उस समय खड़ा हुआ जब कोयम्बटूर की 'कुमार एंड को-इंटरनेशनल' कम्पनी ने दावा किया कि उसकी बेंगलुरू शाखा को ताबूत का आदेश चार अप्रैल को ही राजेंद्रनाथ रेड्डी द्वारा दिया गया था। यह ताबूत 107,000 रुपये में बेचा गया था और ताबूत को अगले दिन पुट्टापर्थी भेजा गया।












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