कोर्ट ने कहा हड़ताल अवैध, एयर इंडिया ने 6 पायलटों को किया बर्खास्त

पायलटों की हड़ताल मंगलवार मध्य रात्रि को शुरू हुई थी और बुधवार को भी जारी रही। हड़ताल की वजह से दिल्ली में 36 और मुम्बई में 10 विमानों का परिचालन रद्द कर दिया गया। इसके कारण एयर इंडिया के करीब 12 प्रतिशत विमानों का परिचालन रद्द कर दिया गया। उधर, संघ ने अपनी ओर से यात्रियों से माफी मांगी है, हड़ताली पायलटों के मुताबिक वे तब तक अपनी हड़ताल वापस नहीं लेंगे जब तक कि प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह या व्यालार रवि मामले में हस्तक्षेप नहीं करते।
एयर इंडिया के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, "संघ के छह सदस्यों को एयर इंडिया से हटा दिया गया है, जबकि दो को निलम्बित कर दिया गया है।" वे (हड़ताली पायलट) यात्रियों को फिरौती के लिए बंधक नहीं बना सकते। उनके मुद्दों को हल करने के लिए सब कुछ किया जा रहा है, बातचीत जारी है, मामले पर विचार के लिए मंत्री द्वारा गठित स्थाई समिति है। लेकिन संघ ने हड़ताल पर जाते हुए बंदूक तान दी है।"
उन्होंने कहा कि संघ की हड़ताल गैर-कानूनी है, क्योंकि इसने दिल्ली उच्च न्यायालय में कहा था कि वह असुविधा पैदा नहीं करेगा। हड़ताल इस आधार पर भी गैर-कानूनी है कि संघ के साथ लगातार बातचीत हो रही है और यह मामला फिलहाल श्रम आयोग के समक्ष है। उनके मुताबिक, "किसी भी मामले के नियामक में लम्बित होने की स्थिति में उस पर हड़ताल नहीं की जा सकती।"
अधिकारी ने कहा कि पायलटों द्वारा समान वेतन और काम की बेहतर परिस्थितियों की मांग पर एयर इंडिया ने कुछ समय पहले कदम उठाए थे। नागरिक उड्डयन मंत्री व्यालार रवि ने बम्बई उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश न्यायमूर्ति सी. एस. धर्माधिकारी की अध्यक्षता में चार सदस्यीय समिति बनाई थी। समिति 3 महीने में रिपोर्ट दे सकती है। पायलटों को तब तक इंतजार करना चाहिए था।












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