बसपा से कभी हाथ नहीं मिलायेगी भाजपा

सत्ता का सुख भोगने को बेताब भारतीय जनता पार्टी ने कहा कि वे इस बार सत्ता के लिए बसपा का साथ नहीं करेंगे। हालांकि बसपा व सपा किसी ने भी इस प्रकार की संभावना नहीं जतायी कि उन्हें भाजपा के साथ की आवश्यकता है। राजनीति के जानकार कहते हैं कि भाजपा अध्यक्ष नितिन गडकरी का बयान यह दर्शाता है कि भाजपा के मन में कहीं न कहीं बसपा के साथ की इच्छा जाग रही है। भाजपा नेता यह बयान उस वक्त दिया जब राज्य में बसपा की पूर्ण बहुमत सरकार है और ऐसे समीकरण भी बनते दिखायी नहीं देते कि आगामी चुनाव में वह सत्ता से बाहर होगी एक बचकानी बात है।
गौरतलब है कि भाजपा ने पिछले दिनों मायावती के घोटालों के शतकों को जिस प्रकार उजागर किया तथा उसका व्यापक स्तर पर प्रचार किया उससे तो यह नहीं लगता कि बसपा इस प्रकार की कोई इच्छा जता सकती है। फिर भी भाजपा के वरिष्ठ नेता अपनी ओर से सफाई क्यों दे रहे हैं। भाजपा नेता ने पार्टी के एक कार्य में कहा कि पार्टी ने तीन बार बसपा को समर्थन देकर भारी भूल की अब वे गलती नहीं करना चाहते हैं।
भाजपा नेता ने कहा कि यदि उन्हें बहुमत नहीं मिला तो वे विपक्ष में बैठ सकते हैं लेकिन कांग्रेस व सपा से भी साझा नहीं करेंगे। उनका कहना है कि समाजवादी पार्टी, बहुजन समाज पार्टी तथा कांग्रेस तीनों ही प्राइवेट लिमिटेड कंपनी की भांति कार्य करती हैं। भाजपा को लोकतांत्रिक पार्टी करार देते हुए भाजपा नेता ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि इस विधान सभा चुनाव में उन्हें जनता का सहयोग मिलेगा।












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