अब सर्कस में और काम नहीं करेंगे बच्चे :सुप्रीम कोर्ट
नई दिल्ली। सरकार को तो सर्कस में काम करने वाले बच्चों के मानवाधिकारों के प्रति कभी चिंता हुई नहीं लेकिन आखिरकार सुप्रीम कोर्ट ने इस बाबत सरकार को निर्देश जारी कर ही दिया। सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को केंद्र सरकार को निर्देश दिया कि वह सर्कस में बच्चों के काम करने पर रोक लगाने सम्बंधी एक अधिसूचना जारी करे।
सुप्रीम कोर्ट के न्यायमूर्ति दलबीर भंडारी और न्यायमूर्ति दीपक वर्मा की पीठ ने कहा, "संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत इन बच्चों के मौलिक अधिकारों की रक्षा के लिए हम केंद्र सरकार को निर्देश देते हैं कि वह सर्कस में बच्चों की नियुक्ति पर रोक लगाने सम्बंधी उचित अधिसूचना जारी करे।"
न्यायालय ने कहा कि मुक्त कराए गए बच्चों को अलग कमरों में रखा जाना चाहिए या फिर उचित सत्यापन के बाद यदि वे चाहें तो उन्हें उनके अभिभावकों को सुपुर्द किया जा सकता है। न्यायालय ने मानव संसाधन विकास मंत्रालय और महिला एवं बाल विकास मंत्रालय को सर्कस से मुक्त कराए जाने वाले बच्चों के पुनर्वास के लिए योजना तैयार करने का निर्देश दिया। न्यायालय ने कहा कि मंत्रालयों को 19 जून से पहले अनुपालन रपट दाखिल करने होंगे।













Click it and Unblock the Notifications