संसद लोकपाल बिल खारिज कर दे तो भी फैसला मंजूर: अन्ना हजारे

नई दिल्ली। भ्रष्टाचार के खिलाफ मुहिम चलाने वाले और भ्रष्टाचार से निपटारे के लिए बनने वाले लोकपाल विधेयक के लिए सरकार को अपनी मांगें मनवाने पर मजूबर कर देने वाले गांधीवादी कार्यकर्ता अन्ना हजारे ने एक बयान में कहा कि अगर देश की संसद लोकपाल बिल विधेयक को खारिज कर देती है तो वो इस फैसले को मानेंगे।

अभी तक सरकार के खिलाफ कड़े तेवर अपनाने वाले हजारे ने अपने रुख में नरमी लाते हुए कहा कि संसद सर्वोच्च है और अगर वह लोकपाल विधेयक को खारिज कर देती है तो अन्ना इस निर्णय को स्वीकार करेंगे। अन्ना ने संसद में लोकपाल विधेयक पारित करने के लिए अपनी ओर से दी गई 15 अगस्त की समयसीमा पर भी नरमी दिखाते हुए कहाकि अगर उन्हें लगेगा कि सरकार सही मार्ग पर आगे बढ़ रही है तो वो सरकार को और समय देने के लिए तैयार हैं।

संवाददाताओं द्वारा यह पूछे जाने पर कि अगर संसद में लोकपाल विधेयक के मसौदे को नामंजूर कर गया तो उनका रूख क्या होगा, इसके जवाब में हजारे ने कहा, 'हम संसद के फैसले को स्वीकार करेंगे क्योंकि हमें लोकतंत्र में विश्वास है।' गौरतलब है कि सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे ने 9 अप्रैल को सरकार द्वारा अपनी मांगे मान लेने के बाद अपना आमरण अनशन समाप्त किया था। इसके साथ ही हजारे ने सरकार को 15 अगस्त की समयसीमा देकर कहा था कि अगर तबतक ये बिल पारित नहीं होता तो वो फिर अनशन पर चले जाएँगे।

हजारे ने कहा वो चाहते हैं कि लोकपाल सर्वसम्मति से बने और इसमें सरकार भी शामिल हो। आरएसएस से संबंध होने के आरोपों पर हजारे ने कहा ''मैं कभी भी उनके करीब नहीं गया औ र ना ही मैंने कभी उन्हें अपने करीब आने दिया। मैंने कभी आरएसएस के साथ एक मंच पर हिस्सा नहीं लिया।''

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