उत्तर भारत के भूकंप से जापान से कोई संबंध नहीं

लखनऊ विश्वविद्यालय के एडवांस रिसर्च सेंटर इन जियोलॉजी के भूवैज्ञानिक डा. ध्रुव सेन सिंह का कहना है कि जापान की टेक्टॉनिक्स (जमीन के अंदर की प्लेटें) भारत की टेक्टॉनिक्स से एकदम अलग हैं। इनका एक दूसरे से कोई ताल्लुक नहीं, लिहाजा यह सोचना कि जापान के बाद इंडोनेशिया में और फिर भारत में भूकंप सीरीज़ में चल रहा है, पूरी तरह गलत है।
उत्तर भारत भूकंप की दृष्टि से कितना संवेदनशील है, इस पर डा. सिंह ने बताया कि दिल्ली, गाजियाबाद और मेरठ जोन 4 में आते हैं, जबकि लखनऊ, कानपुर, लखीमपुर, इलाहाबाद से लेकर वाराणसी तक के शहर जोन-3 में हैं। जोन 4 पर आने वाले शहरों के नीचे की प्लेटें ठोस हैं, लिहाजा दिल्ली, पंजाब, हरियाणा और उत्तराखंड डेंजर ज़ोन में आते हैं। यहां पर अगर ज्यादा तीव्रता का भूकंप बड़ी तबाही मचा सकता है।
वहीं जोन-3 वाले शहर गंगा के तट पर स्थित होने के कारण उनके नीचे रेतीली मिट्टी है, जो भूकंप के कंपन को कम करती है। भूकंप के झटके सतह तक आते-आते कम हो जाते हैं।












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