अब खैर नहीं, डीजीसीए करेगा 10,000 फर्जी पायलटों की जांच
नई दिल्ली। अब उनकी खैर नहीं जिन्होंने फर्जी पायलटों को तैयार करने की जुर्रत की है। नागर विमानन महानिदेशालय यानी डीजीसीए ने कुछ फर्जी पायलटों के मामले सामने आने के बाद वाणिज्यिक विमानों को उड़ाने के लाइसेंस (सीपीएल यानी कमर्शल पायलट लाइसेंस) हासिल करने वाले 10,000 से अधिक लोगों को जांच के दायरे में लाने की योजना बनाई है।
इसके साथ ही डीजीसीए उड़ान का प्रशिक्षण देने वाले सभी संस्थानों की जांच करेगी। डीजीसीए की चिंता उन भारतीय छात्रों को लेकर भी है जो लाखों रुपए खर्च करके विदेश के संस्थानों से विमान उड़ाने का प्रशिक्षण हासिल करते हैं, लेकिन उन्हें फर्जी लाइसेंस थमा दिए जाते हैं। आपको बता दें कि अब तक जिन छह पायलटों के पास फर्जी लाइसेंस होने की बात सामने आई उनमें से दो इंडिगो और दो पायलट स्पाइस जेट के थे। इनके अलावा एक-एक पायलटों का ताल्लुक एयर इंडिया और एमडीएलआर से था।













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