जापान के फुकुशीमा स्थित दायची परमाणु संयंत्र पर दुनिया चिंतित

पेंटागन ने कहा है कि जापान में कुछ अमरीकी सैनिकों को विकिरण रोधी दवाईयां दी गई हैं. संयुक्त राष्ट्र के परमाणु ऊर्जा प्रमुख युकीनो अमानो ने इस बात की पुष्टि की है कि फुकुशिमा दायची संयंत्र के तीन रिएक्टर पूरी तरह तबाह हो गए हैं. अमानो ने कहा है कि वो स्वयं जापान जाकर इस बारे में और जानकारी जुटाएंगे. कई देशों ने अपने नागरिकों के लिए यात्रा चेतावनी जारी की है कि वो जापान न जाएं क्योंकि वहां विकिरणों का खतरा हो सकता है.
जापान में गुस्सा
जापान में फुकुशिमा दायची परमाणु संयंत्र के आसपास के इलाक़े को खाली करने के तरीकों की इलाके़ के गवर्नर ने कड़ी आलोचना की है. फुकुशिमा इलाक़े के गवर्नर युहेई सातो ने कहा, '' लोगों में नाराज़गी और गुस्सा है जो बिल्कुल चरम पर है."" परमाणु संयंत्र में किसी भी समय बड़ी दुर्घटना हो सकती है और इंजीनियर इसे रोकने के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं. गवर्नर ने घोषणा की थी कि संयंत्र के आसपास 20 किलोमीटर के इलाक़े को खाली कराया जाए.
मंगलवार को परमाणु संयंत्र के 20 से 30 किलोमीटर के दायरे में रहने वाले एक लाख चालीस हज़ार लोगों से घर छोड़ने के लिए कहा गया था. अमरीकी दूतावास ने संयंत्र के 80 किलोमीटर के दायरे में रहने वाले अमरीकी नागरिकों से इलाक़ा छोड़ने को कहा था. गवर्नर सातो का कहना है कि जिन लोगों को उनके घरों से निकाला गया उनके लिए न तो पर्याप्त मात्रा में भोजन था और न ही आधारभूत सुविधाएं ही थीं.
जापान की मीडिया भी अब देश के प्रधानमंत्री की कड़ी आलोचना कर रही है कि वो इस संकट से निपटने के लिए सही कदम नहीं उठा पाए हैं. सरकार और परमाणु संयंत्र को चलाने वाली कंपनी पर आरोप लगे हैं कि वो सही जानकारी नहीं दे रहे हैं. इस बीच जापान के महाराज अकीहितो ने टीवी संदेश में कहा था कि वो देश में फैले इस संकट से बेहद चिंतित हैं. फुकुशिमा दायची संयंत्र के रिएक्टरों को ठंडा करने की कोशिशें अभी भी जारी हैं लेकिन रिएक्टरों की कार्यप्रणाली पर पूरा नियंत्रण नहीं हो सका है.












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