जापान: रिएक्टर में फिर लगी आग, रिसाव का खतरा

इस परमाणु संयंत्र में पहले ही चार विस्फोट हो चुके हैं जिसके बाद विकिरणों का रिसाव हो रहा है और लोगों के स्वास्थ्य को भारी खतरा पैदा हो गया है. जापान के उत्तर पूर्व में शुक्रवार को आए भीषण भूकंप और सूनामी के बाद अब तक 3000 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है और हज़ारों लोग लापता हैं.
भूकंप के कारण परमाणु संयंत्र की कूलिंग प्रणाली खराब हो गई है जिससे संयंत्र के रिएक्टरों में या तो आग लग जा रही है या विस्फोट हो रहा है. जापान की समाचार एजेंसी क्योदो के अनुसार रिएक्टर 4 में जहां इन छड़ों को जहां रखा जाता है वहां का तापमान बढ़ गया है और विकिरणों का रिसाव होने का खतरा पैदा हो गया है.
अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि संयंत्र के 20 से 30 किलोमीटर दायरे में रहने वाले लोग या तो शहर छोड़ दें या फिर घरों में ही रहें. इस परमाणु संयंत्र को चलाने वाली कंपनी टोक्यो इलेक्ट्रिक पावर का कहना है कि आग पर काबू पाने के प्रयास जारी है. उनका कहना है कि संयंत्र के आसपास विकिरणों का स्तर बहुत अधिक दिख रहा है इसलिए संयंत्र के आसपास कोई नहीं जा रहा है.
इससे पहले कंपनी ने कहा था कि संयंत्र की कूलिंग प्रणाली को ठीक करने की कोशिश की जा रही है ताकि आग लगने की किसी घटना को रोका जा सके. संयंत्र में परमाणु विकिरणों का स्तर कम हुआ है लेकिन यह खतरे के स्तर से कम नहीं हुआ है.
इस परमाणु संयंत्र में कुल छह परमाणु रिएक्टर हैं जिनकी स्थिति शुक्रवार के भूकंप के बाद खतरनाक हो गई है. शनिवार और सोमवार को रिएक्टर एक और तीन की इमारतों में धमाका हुआ था जबकि मंगलवार की सुबह रिएक्टर दो में धमाका हुआ. चौथा धमाका रिएक्टर चार में हुआ है जहां इस्तेमाल की हुई छड़ें रखी जाती हैं और वहां आग लग गई.
भूकंप से पहले रिएक्टर 4 को बंद किया गया था लेकिन इस्तेमाल हो चुकी परमाणु ईंधन छड़ें वहीं रखी हुई थीं. अधिकारियों का कहना है कि पहले तीनों रिएक्टरों और संभवत चौथे रिएक्टर में भी हाइड्रोजन की मात्रा अधिक होने के कारण धमाके हुए हैं. जापान के मुख्य कैबिनेट सचिव यूकियो इदानो कि वो बाकी दो रिएक्टरों पर नज़र रखे हुए है और ये दोनों भी काफी गर्म हो चुके हैं. अधिकारियों के अनुसार रिएक्टर 1 और 3 को समुद्री पानी के ज़रिए ठंडा किया जा रहा है जबकि रिएक्टर 2 अभी अस्थिर है.
जापान के प्रधानमंत्री नाओतो कान ने कहा है कि अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी ने पूरे मामले में चिंता जताई है और समय पर बिल्कुल पक्की सूचना उपलब्ध कराने का आह्वान किया है.
विकिरणों का खतरा
जापान के आसमान में विकिरणों के खतरे को देखते हुए कई एयरलाइन सेवाओं ने टोक्यो के लिए विमान सेवाएं बंद कर दी हैं. ऑस्ट्रिया ने कहा है कि वो अपना दूतावास टोक्यो के उत्तर पूर्व में चार सौ किलोमीटर दूर ओसाका शहर ले जा रहा है. चीन ने कहा है कि जापान के तबाह हुए परमाणु संयंत्र से सटे चीन के इलाक़ों से लोगों को हटाया जा रहा है.
चीन ने बताया है कि शुक्रवार को आए भूकंप में चीन के कम से कम बीस हज़ार लोग प्रभावित हुए हैं. इस बीच जापान के फुकुशिमा परमाणु संयंत्र का निकटवर्ती शहर सोमा में मुर्दनी छा गई है और लोग शहर छोड़कर चले गए हैं. सरकार ने लोगों से अपील की थी कि वो परमाणु संयंत्र के खतरे को देखते हुए अपने घरों में ही रहें.












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