सीवीसी पद पर थॉमस की नियुक्ति गलत, राष्ट्रपति ने लगाई मुहर

नई दिल्ली। केंद्रीय सतर्कता आयुक्त के पद पर पीजे थॉमस की नियुक्ति संप्रग सरकार के गले की हड्डी बन गई है। वैसे अब शायद ये गले की हड्डी निकलने की घड़ी आ गई है। सुप्रीम कोर्ट ने तो थॉमस को सतर्कता आयोग से बाहर जाने का रास्ता दिखा ही दिया था अब सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले पर राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल ने भी अपनी मंजूरी की मुहर लगा दी है।

सोमवार को राष्ट्रपति ने भी पी.जे. थॉमस की नियुक्ति को रद्द कर दिया। राष्ट्रपति भवन के एक प्रवक्ता ने ये खबर मीडियावालों को देते हुए कहाकि "राष्ट्रपति ने थॉमस के नियुक्ति-पत्र को रद्द कर दिया।" प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह पहले ही इस मामले में अपनी गलती के लिए सार्वजनिक रूप से माफी मांग चुके हैं। उन्होने दो टूक शब्दों में अपनी गलती मानते हुए सफाई दी थी कि ये बात सही है कि थॉमस की नियुक्ति मैने की थी लेकिन थॉमस के ऊपर भ्रष्टाचार का मामला दर्ज है, इस तथ्य से मैं अनभिज्ञ था।

प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने इस अनभिज्ञता के लिए महाराष्ट्र के तत्कालीन मुख्यमंत्री अशोक चव्हाण को दोषी ठहराया था। थॉमस को सुप्रीम कोर्ट ने नियुक्ति के 6 माह बाद साल 1990 में केरल के एक भ्रष्टाचार के मामले में संलिप्तता पाया और उसकी नियुक्ति को अनुचित ठहराया।

उल्लेखनीयहै कि प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, केंद्रीय गृह मंत्री पी. चिदम्बरम और विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज की सदस्यता वाली उच्चस्तरीय समिति ने थॉमस की नियुक्ति का थी। हालांकि स्वराज इस नियुक्ति के विरोध में थी और उन्होने हर बार इस नियुक्ति पर अपनी आपत्ति जताते हुए इसे गलत ठहराया था।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+