बिनायक सेन पहुंचे सुप्रीम कोर्ट, छत्तीसगढ़ सरकार को नोटिस जारी
नई दिल्ली | सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को मानवाधिकार कार्यकर्ता बिनायक सेन मामले में छत्तीसगढ़ सरकार को नोटिस भेजा है। सुप्रीम कोर्ट ने ये नोटिस बिनायक सेन की याचिका पर दिया है। बिनायक सेन ने सुप्रीम कोर्ट में छत्तीसगढ़ न्यायालय के उस फैसले के खिलाफ अपील की थी जिसमें उन्हे नक्सलियों से संबंधों के चलते आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है।
न्यायाधीश एचएस बेदी और सीके प्रसाद ने छत्तीसगढ़ सरकार को अगले चार ह फ्तों में नोटिस का जवाब भेजने को कहा है। इसके बाद अदालत ने बिनायक सेन मामले में सुनवाई सोमवार तक के लिए स्थगित कर दी। 61 वर्षीय सेन ने सुप्रीम कोर्ट में छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती दी है। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने 10 फरवरी को सेन की जमानत याचिका को खारिज कर दिया था।
मानवाधिकार संस्था पीयूसीएल के उपाध्यक्ष और पेशे से डॉक्टर बिनायक सेन को नक्सली नेता नारायण सान्याल और कोलकाता के व्यापारी पीयूष गुहा के साथ नक्सलियों का राज्य सरकार के खिलाफ साथ देने के आरोप में दोषी पाया गया था। बिनायक सेन के समर्थन में देश में ही नहीं बल्कि अन्य देशों में मानवाधिकार कार्यकर्ता मुहिम चला रहे हैं।













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