लीबिया: नो फ्लाई जोन पर चर्चा तेज

ब्रिटेन और फ़्रांस संयुक्त राष्ट्र प्रस्ताव का मसौदा तैयार कर रहे हैं ताकि लीबिया में नो-फ़्लाई ज़ोन बनाया जा सके. गुरुवार को इस पर नैटो देशों के रक्षा मंत्रियों में चर्चा भी होगी.
खाड़ी के कई देशों ने भी इसका समर्थन किया है. अरब लीग ने लीबिया में लोगों के ख़िलाफ़ हिंसा की निंदा की है. हालांकि बीबीसी संवाददाता बारब्रा प्लेट का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय इस पर बटा हुआ है. ये बहस अब और भी तेज़ हो गई है जब कर्नल गद्दाफ़ी के सैनिकों ने विद्रोहियों के ख़िलाफ़ हमले बढ़ा दिए हैं.
वहीं अपुष्ट ख़बरें हैं कि कर्नल गद्दाफ़ी ने विद्रोहियों को संदेश भेजा है कि वे सत्ता छोड़ने को तैयार हैं- बशर्ते उनके और उनके परिवार को लीबिया से सुरक्षित निकलने दिया जाए और उनका धन भी सुरक्षित रहे. बताया जा रहा है कि बेनगाज़ी में विद्रोहियों के नेताओं ने इस पेशकश को ठुकरा दिया है.
अंतरराष्ट्रीय मंज़ूरी
ब्रितानी विदेश मंत्री विलियम हेग ने कहा है कि नो फ़्लाई ज़ोन बनाने को लेकर कुछ शर्तें भी जुड़ी हुई हैं. उन्होंने कहा कि अरब और अफ़्रीकी समर्थन बहुत ज़रूरी है और नो फ़्लाई ज़ोन बनाने के लिए स्पष्ट और पुख़्ता कारण चाहिए –जैस नागरिकों की स्थिति और बिगड़ना.
ब्रितानी मंत्री का कहना है कि इस क़दम के लिए संयुक्त राष्ट्र प्रस्ताव का क़ानूनी सहारा ज़रूरी है. वहीं व्हाइट हाउस के प्रवक्ता जे कारने ने कहा है कि विद्रोहियों को हथियार देना एक विकल्प है जिसपर विचार किया जा रहा है पर साथ ही ये भी कहा कि गद्दाफ़ी का विरोध करने वाले गुटों का भी अमरीका मूल्यांकन कर रहा है. अमरीकी रक्षा मंत्री रॉबर्ट गेट्स का कहना है कि राष्ट्रपति ओबामा के सामने कई विकल्प रखे जा रहे हैं.












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