गांधी के अनुयायी हैं मुंतज़र अल ज़ैदी

समीरात्मज मिश्र
बीबीसी संवाददाता, दिल्ली
मुंतज़र अल ज़ैदी महात्मा गांधी को अपना आदर्श मानते हैं. महात्मा गांधी को अपना आदर्श मानने वालों और उनके जीवन का अनुसरण करने वालों की न तो कोई कमी है और न ही रहेगी, लेकिन यदि मुंतज़र अल ज़ैदी भी कहें कि वे भी गांधी के अनुयायी हैं तो थोड़ी हैरानी हो सकती है.
मुंतज़र अल ज़ैदी वही इराक़ी पत्रकार हैं जिन्होंने साल 2008 में बग़दाद में एक प्रेस कांफ्रेंस के दौरान अमरीका के तत्कालीन राष्ट्रपति जॉर्ज डब्ल्यू बुश पर जूता फेंक कर हमला किया था. इस अपराध में उन्हें नौ महीने तक जेल में भी रहना पड़ा था.
बीबीसी के साथ एक ख़ास बातचीत में उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी के जीवन से उन्होंने बहुत कुछ सीखा है और उनकी निगाह में महात्मा गांधी क्रांति और मानवता के प्रतीक हैं. इस सवाल पर कि महात्मा गांधी तो अहिंसा के पुजारी थे, उनके अनुयायी अपनी भावनाओं की अभिव्यक्ति के लिए हिंसा का सहारा कैसे ले सकते हैं, ज़ैदी का जवाब था- 'महात्मा गांधी कोई नहीं बन सकता है. उनके जीवन से सिर्फ़ सीख ली जा सकती है."
उन्होंने उस घटना का ज़िक्र किया जब उन्हें एक अख़बार ने आधुनिक गांधी कहकर संबोधित किया था. ज़ैदी ने कहा, 'मैंने इसका विरोध किया और कहा कि गांधी कोई दूसरा नहीं हो सकता है. लोग उनके जीवन से सिर्फ़ प्रेरणा ले सकते हैं. गांधी जैसा महान व्यक्ति सिर्फ़ एक बार ही पैदा हो सकता है."
ज़ैदी ने प्रेस कांफ्रेंस की घटना और उससे पहले के घटनाक्रम का ज़िक्र अपनी किताब 'द लास्ट सैल्यूट टू प्रेसिडेंट बुश" में किया है. यह किताब पिछले साल दिसंबर में प्रकाशित हुई थी.
अब क़रीब तीन साल बाद भारत में फ़िल्म निर्माता महेश भट्ट अल ज़ैदी के जीवन पर एक नाटक के मंचन की तैयारी कर रहे हैं. ज़ैदी इसे लेकर काफ़ी उत्साहित हैं और उनका कहना था कि वे ख़ुद भी भारत में आकर इस नाटक को देखना चाहते हैं.
ज़ैदी ने बीबीसी को बताया, 'मैं चाहता हूं कि भारत के लोग ये जानें कि इराक़ी जनता के साथ क्या हो रहा है? क्योंकि भारत के लोग ब्रिटिश साम्राज्य में जिन परिस्थितियों से लड़ रहे थे, इराक़ी जनता आज वही लड़ाई अमरीकी सरकार से लड़ रही है."
उनका कहना था कि भारत और इराक़ में एक बड़ी समानता यह भी है कि दोनों ही प्राचीन और विकसित सभ्यता वाले देश हैं. महेश भट्ट के इस नाटक का मंचन अरविंद गौर करेंगे और इसमें ज़ैदी की भूमिका में होंगे इमरान ज़ाहिद. इमरान ज़ाहिद के मुताबिक़ नाटक की तैयारी पूरी हो चुकी है और जल्द ही इसका मंचन किया जाएगा.












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