पंच तत्व में विलीन हुए 'कांग्रेस के चाणक्य' अर्जुन सिंह

अर्जुन सिंह का शुक्रवार को दिल्ली में निधन हो गया था। उनका पार्थिव शरीर शनिवार शाम विमान से सीधी और फिर वहां से सड़क मार्ग से साडा लाया गया था। लोगों के दर्शन के लिए उनका पार्थिव शरीर वहां रखा गया था। रविवार को अंतिम संस्कार से पहले शव यात्रा साडा में उनकी गढ़ी से शुरु हुई। शव यात्रा में हजारों लोग शामिल हुए।
सकतई गांव में स्थित रावसागर तालाब में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पुलिसकर्मियों ने दिवंगत नेता को सलामी दी और ज्येष्ठ पुत्र अभिमन्यु सिंह ने चिता को मुखाग्नि दी।
केंद्रीय वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी के अलावा केंद्रीय मंत्री कमलनाथ, कांतिलाल भूरिया, ज्योतिरादित्य सिंधिया, मध्य प्रदेश के राज्यपाल रामेश्वर ठाकुर, मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री रमन सिंह तथा कांग्रेस के मध्य प्रदेश प्रभारी बी. के. हरिप्रसाद व कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष सुरेश पचौरी ने अंतिम संस्कार स्थल पहुंच कर अर्जुन सिंह को श्रद्घांजलि दी।
चुरहट में बनाए गए नियंत्रण कक्ष से मिली जानकारी के अनुसार अंतिम संस्कार के बाद दिल्ली, भोपाल तथा अन्य स्थानों से आए विशिष्ट जनों की वापसी का सिलसिला शुरु हो गया।
इससे पहले शनिवार को दिवंगत नेता के पार्थिव शरीर को सीधी से साडा ले जाते समय रास्ते में जगह-जगह रोक कर हजारों लोगों ने अपने प्रिय नेता को श्रद्घांजलि दी। अर्जुन सिंह के पारिवारिक करीबी राजेंद्र मिश्रा ने आईएएनएस को बताया कि शनिवार रात पार्थिव शरीर को लोगों के अंतिम दर्शन के लिए साडा स्थित गढ़ी में रखा गया। वहां पूरी रात श्रद्घांजलि देने वालों का तांता लगा रहा। शनिवार सुबह भी श्रद्धांजलि देने वालों की लम्बी कतार लगी रही।












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