आम बजट 2011 के प्रमुख अंश

Pranab Mukherjee
नई दिल्‍ली। केंद्रीय वित्‍तमंत्री प्रणब मुखर्जी देश का 80वां आम बजट लोकसभा में सोमवार को पेश किया। सदन में पेश हुए बजट में केंद्र सरकार इस बार आम नागरिकों के लिए कुछ खास नहीं लायी है, हां आय कर में मिली छूट से राहत जरूर दी है। पेश हैं बजट 2011 के प्रमुख अंश-

- ईमानदारी से कर चुकाने वालों को सरकार मदद देने की योजना बना रही है। जल्‍द आएगी योजना।
- 60 वर्ष की आयु से नीचे वालों के लिए 1.80 लाख रुपए तक आयकर नहीं।
- 60 वर्ष की आयु से ज्‍यादा वालों को 2.50 लाख रुपए की सालाना आय पर आयकर नहीं।
- 80 वर्ष से अधिक आयु के लिए 5 लाख रुपए तक आयकर नहीं लगेगा।

- घरेलू कंपनियों के लिए कॉर्पोरेट टैक्‍स को कम करके 5 प्रतिशत किया गया।
- छोटे कर दाताओं के लिए नया फॉर्म 'सुगम', जिससे आसान होगा रिटर्न भरना।
- जो कंपनियां अपने कर्मचारियों का टैक्‍स जमा करायेंगी, उन्‍हें अलग से रिटर्न भरने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
- एक अक्‍तूबर से रोजाना 10 लाख यूनीक आइडेंटिफिकेशन नंबर दिये जाएंगे।
- 25 लाख रुपए तक के मकान के लिए 15 लाख तक के लोन पर एक प्रतिशत की रियायत।

- निजी एयरकंडीशंड अस्‍पतालों में इलाज कराना महंगा हुआ।
- पब, बार, मॉडलशॉप में शराब पीना महंगा।
- विमान में यात्रा करना महंगा हुआ।

- साबुन, मोबाइल फोन, टीवी, कंप्‍यूटर, एलसीडी, डीवीडी प्‍लेयर सस्‍ते।
- सिल्‍क के कपड़े सस्‍ते, ब्रांडेड कपड़े महंगे।
- ब्रांडेड ज्‍वेलरी महंगी हुई।
- कलाकृतियों को देश में लाने व विदेश ले जाने में कस्‍टम ड्यूटी कम।
- फिल्‍म उद्योग के लिए 10 हजार फुट तक जंबो रोल कर मुक्‍त।
- 13 सीटर टैक्सियों के उत्‍पादन व इंपोर्ट पर कर रियायत।
- सड़क निर्माण उद्योग को बढ़ावा देने के लिए वस्‍तुओं पर कर में छूट।
- कृषि संबंधी मशीनों के पुर्जे व कृषि उत्‍पाद सस्‍ते।

- सस्‍ते मकान बनाने वाले बिल्‍डरों को कर में रियायतें।
- भारतीय रुपए के नए चिन्‍ह के साथ सिक्‍के व नोट जल्‍द।
- भ्रष्‍टाचार को नियंत्रित करने के लिए मंत्री समूह ने सिफारिश। प्रशासनिक सुधारों पर नजर रखने के लिए एडमिनिस्‍ट्रेटिव रिफॉर्म कमीशन।
- जमीन/मकान/हलफनामे, आदि की रजिस्‍ट्री के लिए ई-स्‍टैंपिंग की सुविधा फिलहाल छह राज्‍यों में है। जो राज्‍य ई-स्‍टैम्पिंग शुरू करेंगे उन्‍हें मिलेंगे 600 करोड़ रुपए।

- नक्‍सल प्रभावी व पिछड़े क्षेत्रों के विकास के लिए 9800 करोड़ रुपए।
- लद्दाख को 100 करोड़ रुपए, जम्‍मू को विकास के लिए 150 करोड़ रुपए।
- गुरुदेव रबिंद्र नाथ टैगोर की 150वीं जयंती पर 1 करोड़ रुपए का पुरस्‍कार दिया जाएगा।
- प्रदूषण समस्‍याओं से निपटने के लिए 200 करोड़ रुपए।
- गंगा नदी व अन्‍य नदियों की सफाई के लिए 200 करोड़ रुपए।

- असंगठित काम गारों का भी बीमा कराया जाएगा।
- असंगठित क्षेत्र में कार्यरत लोगों के स्किल डेवलपमेंट के लिए 2000 करोड़ रुपए।
- नेशनल नॉलेज नेटवर्क के तहत शैक्षिक केद्रों को ऑप्टिकल फाइबर के तहत जोड़ा जाएगा।
- शिक्षा क्षेत्र को 5057 करोड़ रुपए।
- सर्व शिक्षा अभियान के लिए 40 हजार करोड़ रुपए।
- अनुसूचित जाति एवं जनजातियों के 9वीं व 10वीं के छात्रों के लिए वजीफा स्‍कीम के लिए 40 लाख छात्रों को लाभ दिया जाएगा।
- अनुसूचित जाति एवं जनजाति के विकास के लिए 244 करोड़ रुपए आवंटित किया जाता है।

- भारत निर्माण योजनाओं के लिए 58 हजार करोड़ रुपए।
- नरेगा के तहत 100 रुपए की वास्‍तविक दैनिक मजदूरी को महंगाई दर के हिसाब से बढ़ाया जाएगा।
सामाजिक क्षेत्रों के लिए 1 लाख 60 हजार 887 करोड़ रुपए।
- लेदर इंडस्‍ट्री के लिए 5 मेगा लेदर प्‍लांट लगाये जाएंगे।
- नई मेनुफैक्‍चरिंग पॉलिसी लाने का प्रस्‍ताव है।

- काले धन को देश वापस लाने के लिए पांच सूत्रीय कार्यक्रम लॉन्‍च किया है। इसके जरिये काले धन को रोका जाएगा, कानून बनाए जाएंगे, अंतर्राष्‍ट्रीय स्‍तर पर टैक्‍स के लिए पारदर्शी सूचना का आदान प्रदान हो उसके लिए प्रस्‍ताव रखे जाएंगे। इस तरह के डबल टैक्‍स अवेयरनेस समझौते देशों के साथ किये जाएंगे। इसके लिए एक खास सेल बनाया जाएगा, जो देश से काला धन बाहर जाने से रोकेगी। 2008 से लेकर आज तक ब्‍लैक मनी बाहर जाने के 800 मामलों से बढ़कर 2000 मामले हो गए हैं। यह अवैध व्‍यापार पर भी रोक लगायेगी।

- 2.14 लाख करोड़ रुपए इंफ्रास्‍ट्रक्‍चर के लिए।
- फल सब्जियों के स्‍टोरेज को बढ़ाने पर जोर, ताकि खाद्य पदार्थ महंगे नहीं हों।
- 15 नए फूड पार्क स्‍थापित किये जाएंगे। दाल के उत्‍पादन के लिए 300 करोड़ रुपए।
- नाबार्ड को आर्थिक रूप से मजबूत किया जाएगा।
- मिट्टी की गुणवत्‍ता बढ़ाने के लिए ऑर्गेनिक फार्मिंग बढ़ाने पर जोर दिया जाएगा।
- 4,75,000 करोड़ रुपए कृषि के लिए।

-राष्‍ट्रीय प्रोटीन मिशन आरंभ करने के लिए 300 करोड़ रुप।
- दुग्‍ध उत्‍पादों को बढ़ावा देने के लिए त्‍वरित चारा विकास के लिए 300 करोड़ रुपए निर्धारित।
- किसानों को बाजारों के साथ जोड़ने का काम किया जाएगा।
- प्रमुख शहरी केंद्रों के पास सब्जियां उगाने के लिए 300 करोड़ रुपए।
- दाल के उत्‍पादन के लिए 300 करोड़ की राशि।

- ग्रामीण आवास के लिए 3000 करोड़ रुपए। राजीव आवास योजना के तहत आवंटन बढ़ाने का प्रस्‍ताव।
- 100 करोड़ रुपए लघु उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए।
- बुनकरों के लिए 3000 करोड़ रुपए।
- अल्‍पसंख्‍यक समुदायों को ऋण उपलबध कराने के लिए राशि बढ़ाने का प्रस्‍ताव है।

- सार्वजनिक क्षेत्रों के बैंकों के लिए 6000 करोड़ रुपए।
- ग्रामीण बैंकों को 500 करोड़ रुपए।
- इंडिया माइक्रो फाइनेंस इक्विटी (सिडबी) के साथ 100 करोड़ रुपए।
- महिला सेल सहायता के लिए 500 करोड़ की राशि।
- एनआरआई के साथ-साथ विदेशियों को भी म्‍यूचुअल फंड में निवेश करने की इजाजत।

- इंफ्रास्‍ट्रक्‍चर बॉन्‍ड में भी विदेशी कंपनियों की निवेश सीमा 40 बिलियन अमेरिकी डॉलर तक। इसमें पांच साल का लॉकिंग पीरियड होगा।
- पोषण आधारित सब्सिडी व्‍यवस्‍था में यूरिया भी शामिल। गरीबों को सीधे कैश के रूप में सब्सिडी दी जाएगी। यह सब्सिडी गरीबी रेखा से नीचे वाले लोगों को मिलेगी।
- जीएसटी नेटवर्क को स्‍थापित करने का प्रस्‍ताव।

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