अपनी अच्छाइयों को पहचानिए

नई दिल्ली, 28 फरवरी (आईएएनएस)। एक पादरी जहाज से यात्रा कर रहे थे। कुछ घंटों बाद जहाज ने एक द्वीप पर लंगर डाला। पादरी ने सोचा कि इस द्वीप पर कोई होगा तो उसे प्रार्थना सिखा दूंगा।

यह सोचकर वह द्वीप पर उतर गए। वहां उन्हें तीन साधु मिले। पादरी ने उनसे पूछा, "कुछ प्रार्थना-उपासना करते हो?"

उन्होंने कहा, "हां! हम तीनों हाथ उठाकर कहते हैं कि हम तीन हैं, तुम भी तीन हो, यानी ब्रह्मा, विष्णु और महेश। तुम तीनों हम तीनों की रक्षा करो।"

पादरी हंसते हुए बोले, "क्या पागलपन करते हो, तुम्हें तो ठीक से प्रार्थना करनी भी नहीं आती।"

भोले साधुओं ने कहा, "बाबा, आप ही सिखा दीजिए।"

पादरी ने उन्हें प्रार्थना करना सिखाया और वैसा ही अभ्यास जारी रखने को कहकर जहाज पर आ गए। जहाज चल पड़ा। दूसरे दिन पादरी जहाज के डेक पर टहले रहे थे। पीछे से आवाज सुनाई दी, "ओ पवित्र आत्मा रुको।"

पादरी ने देखा कि वे तीनों साधु पानी पर बेतहाशा दौड़ते पुकारते चले आ रहे थे। आश्चर्यचकित पादरी ने जहाज रुकवाया, फिर उनसे इस प्रकार आने का कारण पूछा।

वे बोले, "आप हमें प्रार्थना सिखाकर आए थे, लेकिन रात में जब हम सोए, तो भूल गए। सोचा आपसे ठीक विधि पूछ लें, इसलिए दौड़े चले आए।"

पादरी ने आश्चर्य व्यक्त करते हुए कहा, "लेकिन आप पानी पर कैसे दौड़े?"

उन्होंने कहा, "हमने भगवान से प्रार्थना की थी और कहा था कि हम नादान हैं और पवित्र पादरी जो सिखा गए थे, वो हम भूल चुके हैं। इसलिए हम दौड़कर उनके पास जा रहे हैं, लेकिन हमें डूबने मत देना। बस, इतना ही कहा था।"

पादरी ने घुटने टेककर उनका अभिवादन किया और कहा, "आप जैसी प्रार्थना करते हैं, वही सही है, क्योंकि प्रभु आपसे प्रसन्न हैं। मैंने आप लोगों को गलत समझा, इसलिए मुझे माफ कर दीजिए।"

इस कथा से पता चलता है कि उन साधुओं के अंदर अच्छाइयां थीं, लेकिन उन्हें इसका अहसास नहीं था। इसलिए आप भी अपने अंदर छिपी अच्छाइयों को पहचानें और इन गुरुमंत्रों पर ध्यान दें :

* सफलता निर्भर करती है आपकी सोच, आपके दृष्टिकोण, आपके काम करने के तरीके, आपके व्यवहार और सही समय पर सही निर्णय लेने पर।

* दुनिया में अब तक जितने भी लोग अपने मकसद में कामयाब हुए हैं, वे सब भाग्य से नहीं, अपनी कोशिश और संघर्ष से।

* यदि आप दूसरों से ज्यादा अमीर बन सकते हैं तो बनिए, लेकिन दूसरों को यह मत बताइए कि आप उनसे अधिक अमीर हैं।

* सकारात्मक बदलाव अच्छाई की तरंगों को उत्पन्न करती हैं जो आपकी जिंदगी और आपके आस-पास के व्यक्तियों को प्रभावित करती हैं। फिर एक बदलाव दूसरे बदलाव को जन्म देता है। इस तरह से एक के बाद एक बदलाव पैदा होते हैं जो जीवन में बेहतरी लाते हैं। फिर आप पूरी तरह से बदल जाते हैं।

* अच्छे आदमी का सम्मान कीजिए, क्योंकि वह भी आपको सम्मान दे सकता है। लेकिन बुरे आदमी का सम्मान इसलिए कीजिए, क्योंकि वह आपकी बेइज्जती कर सकता है।

* बड़ा आदमी बनना है तो कम सोने की आदत डालिए, क्योंकि सोने से आपके रचनात्मक पल व्यर्थ में नष्ट हो जाते हैं।

* सफलता पाने के लिए अपनी समीक्षा खुद करना सीखिए, क्योंकि आपसे बेहतर आपको कोई नहीं जान सकता।

* कभी-कभी आपको लगेगा कि सफलता के सारे रास्ते बंद हो गए हैं, लेकिन लगातार विचार करने पर आपको पता लगेगा कि एक रास्ता अब भी खुला है।

* दुनिया का सबसे बड़ा झूठ यह है कि आपकी जिंदगी की बागडोर आपकी तकदीर के हाथ में है, लेकिन जब तकदीर सचमुच आपका साथ दे रही हो, तब आपको उसका फायदा उठाना चाहिए।

* जो अधिक फुर्तीला होता है और अपने स्वास्थ्य की सीमाओं में रहते हुए अधिक काम करता है, वह हमेशा विजयी होता है।

* विजेता वह नहीं होता जो हमेशा जीतता है, बल्कि विजेता तो वह होता है जो समस्याओं का डटकर सामना करता है।

(डायमंड बुक्स प्रा. लि., नई दिल्ली से प्रकाशित पुस्तक 'सीक्रेट्स ऑफ सक्सेस' से साभार)

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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