लीबिया के ख़िलाफ़ सुरक्षा परिषद के प्रतिबंध

Gaddafi

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने सर्वसम्मति से लीबिया के नेता मुअम्मर गद्दाफ़ी, उनके परिवारजनों और नजदीकी लोगों के ख़िलाफ़ प्रतिबंध लगाने के पक्ष में मतदान किया है. सुरक्षा परिषद में उनकी विदेश यात्रा पर प्रतिबंध लगाने और गद्दाफ़ी के समर्थकों और परिवारजनों की संपत्ति जब्त करने पर भी सहमति हुई है.

सुरक्षा परिषद ने लीबिया में हाल में प्रदर्शनकारियों के ख़िलाफ़ कथित तौर पर हुई ज़्यादतियों को अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायालय में भेजने भी मंजूरी जताई है, चीन ने लीबिया को अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायालय में भेजने का विरोध किया था लेकिन चीन ने प्रस्ताव को वीटो नहीं किया. उधर विद्रोहियों के नियंत्रण वाले बेनग़ाज़ी शहर में अस्थाई सरकार के गठन की तैयारी की ख़बरें हैं.

एक लीबियाई अख़बार ने पूर्व न्याय मंत्री मु्स्तफ़ा अब्दुल के हवाले से लिखा है कि तीन महीनों के अंदर चुनाव होंगे. पूर्व मंत्री ने लोगों के ख़िलाफ़ हिंसा के विरोध में गद्दाफ़ी सरकार से इस्तीफ़ा दे दिया था. इस बीच अमरीका ने लीबिया पर दबाव और बढ़ा दिया है. जर्मनी की चांसलर मर्केल के साथ बातचीत में ओबामा ने कहा, ''एक ऐसा नेता जो अपने ही लोगों के ख़िलाफ़ हिंसा करता है, ऐसे नेता का कोई औचित्य नहीं है और उसे तुरंत सत्ता से हट जाना चाहिए.''

गद्दाफ़ी के बेटे की चेतावनी

दूसरी लीबियाई नेता कर्नल गद्दाफ़ी के बेटे सैफ़ अल इस्लाम ने चेतावनी दी है कि अगर प्रदर्शन यूँ ही चलते रहे तो इससे लीबिया बिखर सकता है और उसके बाद लंबे समय तक स्थायित्व नहीं आ पाएगा. सैफ़ अल इस्लाम ने पुरानी बातें दोहराते हुए कहा कि ये प्रदर्शन इस्लामिक चरमपंथियों की वजह से हो रहे हैं जिन्होंने नागरिकों को अपने कब्ज़े में कर लिया है.

लीबिया से बड़ी संख्या में लोग वापस अपने देशों को जा रहे हैं, इनमें भारतीय भी शामिल हैं. हालांकि इस बार उनकी टिप्पणी का तेवर कुछ बदला हुआ था. उन्होंने कहा कि वे हमेशा से ही राजनीतिक सुधार के हिमायती रहे हैं. पर गद्दाफ़ी के बेटे ने ये नहीं कहा कि क्या वे विद्रोहियों के साथ बातचीत करने के लिए तैयार हैं जिनका अब पूर्वी लीबिया पर नियंत्रण है.

संयुक्त राष्ट्र का अनुमान है कि पिछले 10 दिनों की हिंसा में एक हज़ार से ज़्यादा लोग मारे जा चुके हैं. लीबिया में गद्दाफ़ी विरोधी ताकतों का दावा है कि देश के 80 फ़ीसदी हिस्से पर उनका नियंत्रण है जिसमें बेनग़ाज़ी शहर भी शामिल है. लेकिन राजधानी त्रिपोली पर अब भी गद्दाफ़ी का कब्ज़ा है,त्रिपोली में क़रीब 20 लाख लोग रहते हैं.

त्रिपोली से मिल रही ख़बरों के मुताबिक कर्नल गद्दाफ़ी अपने समर्थकों को हथियारों से लैस कर रहे हैं ताकि वे प्रदर्शनकारियों से निपट सकें. इधर लीबिया में फँसे हज़ारों विदेशी नागरिकों के पलायन का सिलसिला जारी है, विभिन्न देश अपने नागरिकों को निकालने में जुटे हैं.

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