अप्रत्यक्ष कर की दरों को स्थिर रखा जाए : सीआईआई
नई दिल्ली, 27 फरवरी (आईएएनएस)। भारतीय उद्योग संघ (सीआईआई) ने कहा है कि लगातार उच्च दर पर बनी मुद्रास्फीति को देखते हुए केंद्रीय वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी को सोमवार को पेश होने वाले केंद्रीय बजट में अप्रत्यक्ष कर की दरों में वृद्धि नहीं करनी चाहिए। इससे उद्योग के विकास को नुकसान पहुंचेगा।
सीआईआई के महानिदेशक चंद्रजीत बनर्जी ने रविवार को जारी एक बयान में कहा, "मुद्रास्फीति के परिवेश को देखते हुए यह आवश्यक है कि अप्रत्यक्ष कर की दरों को वर्तमान स्तर पर रखने के साथ ही इसे प्रस्तावित वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) के अनुरूप रखा जाए।"
ज्ञात हो कि मुखर्जी सोमवार को अपना छठा केंद्रीय केंद्रीय बजट पेश करने वाले हैं। उन्होंने कहा है कि कारोबारी वित्त मंत्री से आर्थिक सुधारों एवं विकास पर एक स्पष्ट नीति की दिशा चाहते हैं।
उन्होंने कहा, "जबकि अर्थव्यवस्था मंदी से ऊबर चुकी है। ऐसे में उद्योग जगत स्थिर निवेश और नए विकास के बारे में सोच रहा है। निवेशों को प्रोत्साहित करने के लिए बजट में उपायों की घोषणा करते हुए नीति को दिशा दी जा सकती है जो बढ़ती ब्याज दरों के नकारात्मक प्रभाव को खत्म करेगा।"
बनर्जी ने खाद्य महंगाई दर पर नियंत्रण पाने के लिए कृषि विपणन प्रणाली में सुधार की आवश्यकता पर भी जोर दिया है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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