ब्रिटेन कोर्ट: जूलियन असांजे को भेजो स्वीडन
असांज को पिछले वर्ष ब्रिटेन में यूरोपीय गिरफ्तारी वारंट के तहत गिरफ्तार किया गया था और उन्हें गत दिसम्बर में जमानत दे दी गई। असांज अपनी गिरफ्तारी के बाद से ही अपने प्रत्यर्पण के खिलाफ कानूनी लड़ाई लड़ रहे हैं। गत अगस्त महीने में स्वीडन की दो महिलाओं ने उनके ऊपर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया। असांज ने अपने ऊपर लगे आरोपों से इंकार किया है।
समाचार पत्र 'द गार्जियन' की रिपोर्ट के मुताबिक बेल्मार्श न्यायालय में सुनवाई के दौरान मुख्य दंडाधिकारी हावर्ड रिडल ने अपना फैसला सुनाया। असांज के वकीलों ने दलील दी है कि स्वीडन में असांज के खिलाफ निष्पक्ष मुकदमा नहीं चलाया जाएगा। इस बात की उम्मीद है कि असांज के वकील अदालत के इस फैसले के खिलाफ अपील करेंगे। यदि ऐसा होता है तो असांज के प्रत्यर्पण में देरी हो सकती है।
असांज को भय है कि अगर उन्हे स्वीडन भेज दिया जाएगा तो अमेरिका उनके ऊपर लगे आरोपों की सुनवाई के लिए उन्हें अपने यहां ले जा सकता है। उल्लेखनीय है कि असांज की वेबसाइट विकिलीक्स ने लाखों की संख्या में अमेरिकी गोपनीय राजनयिक संदेशों को उजागर किया है। इसे लेकर अमेरिका ने अपने यहां असांज पर मामले दर्ज किए हैं।













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