इराक में प्रदर्शन, 9 मरे
समाचार एजेंसी डीपीए के मुताबिक धार्मिक और सरकारी अधिकारियों ने लोगों से बगदाद के तहरीर स्क्वेयर और अन्य शहरों में प्रदर्शन न करने की चेतावनी दी थी।
इसके बावजूद लोगों ने चेतावनी का उल्लंघन करते हुए प्रदर्शन किया। धार्मिक और सरकारी अधिकारियों का आरोप है कि आतंकवादी संगठन अल कायदा और पूर्व नेता सद्दाम हुसैन के निष्ठावानों द्वारा इन प्रदर्शनों की साजिश रची गई है।
सुरक्षा बलों द्वारा इराक के उत्तरी शहर मोसुल में की गई गोलीबारी में पांच प्रदर्शनकारी मारे गए और दर्जनों घायल हुए। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि प्रदर्शनकारी एक स्थानीय सरकारी इमारत में घुसने का प्रयास कर रहे थे।
इसके अलावा किरकुक के उत्तर में स्थित हवेजा कस्बे में प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच हुई झड़पों में भी चार लोग मारे गए। प्रांतीय परिषद के भवन में आग लगाने के लिए शुक्रवार सुबह करीब 2000 प्रदर्शनकारी यहां जुटे थे।
प्रदर्शनकारियों ने शुक्रवार के दिन को 'रिवोल्यूशन ऑफ इराकी रेज' का नाम दिया है। राज्यपाल पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए बसरा के दक्षिणी शहर में करीब 4000 लोगों ने धरना दिया। प्रदर्शनकारी राज्यपाल की बर्खास्तगी की मांग कर रहे थे।
समाचार पत्र 'अलसुमारिया' के मुताबिक प्रदर्शन के कुछ ही घंटों बाद राज्यपाल शेल्ताग अब्बूद ने अपने इस्तीफे की घोषणा की।
उल्लेखनीय है कि प्रदर्शनकारियों पर कथित रूप से बल प्रयोग करने और मीडिया पर पाबंदी लगाने पर प्रधानमंत्री नूरी अल-मलिकी की सरकार को आलोचना का सामना करना पड़ रहा है।
अमरिका स्थित ह्यूमन राइट्स वाच (एचआरडबल्यू) ने कहा कि इस सप्ताह के पहले बगदाद में इराकी पुलिस ने हत्यारों को शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर हमले करने की इजाजत दी थी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












Click it and Unblock the Notifications