गद्दाफी की बेटी ने देश से भागने सम्बंधी खबरों को खारिज किया
आयशा गद्दाफी गुरुवार को सरकारी टेलीविजन पर उपस्थित हुईं और उन खबरों को खारिज कर दिया, जिनमें कहा गया था कि वह देश छोड़ कर भाग गई हैं। आयशा ने इन खबरों को 'विदेशी झूठ' करार दिया।
समाचार एजेंसी एकेआई के अनुसार पेशे से वकील आयशा (33) ने कहा, "मैं लीबियाई लोगों से, जिनसे मैं प्रेम करती हूं और वे मुझे प्रेम करते हैं, कहना चाहती हूं कि मैं लगातार यहीं हूं, इसी घर के मलबे के सामने।"
सिर पर दुपट्टा ओढ़े आयशा, त्रिपोली में गद्दाफी के बाब अल-अजीजिया सैन्य परिसर में स्थित अपने आवास के सामने उपस्थित हुईं। इस परिसर पर 1986 में अमेरिका ने बमबारी की थी।
आशयाा ने कहा, "जो लीबियाई मुझे जानते हैं वे इस बात को भी जानते हैं कि मैं यहां लीबियाई लोगों के लिए एक सद्भावना राजदूत के रूप में हूं।" आयशा ने कहा कि वह संयुक्त राष्ट्र की बुधवार की उस घोषणा से अनजान हैं कि देश में जारी हिंसा के बीच उन्हें सद्भावना राजदूत के पद से हटा दिया गया है।
ज्ञात हो कि लीबिया में सरकार के खिलाफ जारी विरोध प्रदर्शनों के दौरान अब तक कम से कम 1,000 प्रदर्शनकारियों के मारे जाने की खबर है। प्रदर्शनकारी मुअम्मार गद्दाफी को गद्दी से हटाने की मांग कर रहे हैं।
मुअम्मार गद्दाफी ने भी मंगलवार को बाब अल-अजीजिया परिसर के सामने ही खड़े होकर टेलीविजन पर अपना भाषण दिया था।
गद्दाफी ने भी उन खबरों को खारिज किया था, जिनमें कहा गया था कि वह देश छोड़ कर वेनेजुएला भाग गए थे। गद्दाफी ने कहा था कि वह अपने पुरखों की धरती पर ही अंतिम सांस लेंगे और खून का अंतिम कतरा रहने तक लड़ेंगे।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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