आर्थिक समीक्षा : विकास दर बेहतर, लेकिन महंगाई को लेकर चिंता
केंद्रीय वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने शुक्रवार को लोकसभा में आर्थिक समीक्षा पेश की। आर्थिक समीक्षा में कहा गया कि सेवा और निर्माण क्षेत्र में बेहतर विकास दर्ज किया गया है।
आर्थिक समीक्षा में मौजूदा वित्त वर्ष में औद्योगिक उत्पादन विकास दर 8.6 फीसदी, निर्माण क्षेत्र की विकास दर 9.1 फीसदी और सेवा क्षेत्र की विकास दर 9.6 फीसदी रहने का अनुमान व्यक्त किया गया है।
समीक्षा में कह गया कि कृषि क्षेत्र में बेहतर 5.4 फीसदी विकास दर की वापसी के साथ ही सभी क्षेत्रों में विकास दर्ज किया गया है।
इसमें कहा गया कि न्यूनतम समर्थन मूल्य बढ़ाने और सरकार द्वारा उठाए गए अन्य कदमों का क्षेत्र को फायदा मिला है।
समीक्षा में आगामी महीनों में महंगाई दर को लेकर हालांकि चिंता जताई गई है।
इसमें कहा गया कि यदि देश में बेहतर विकास नहीं दिखाई पड़ेगा, तो महंगाई की दर पहले के अनुमान से 1.5 फीसदी अधिक रह सकती है। साथ ही इसमें सलाह दी गई कि सरकार को खाद्य महंगाई दर कम करने के लिए संस्थानों को मजबूत करना चाहिए और भ्रष्टाचार पर लगाम लगाई जानी चाहिए।
इसमें कहा गया कि ग्रामीण रोजगार योजना के कारण उपभोक्ताओं की क्रय शक्ति बढ़ी है, जिसने महंगाई दर के बढ़ने में भूमिका निभाई है।
खाद्य महंगाई की दर 12 फरवरी को समाप्त सप्ताह में बढ़कर 11.49 फीसदी हो गई, जिसमें पिछले सप्ताह में गिरावट देखी गई थी। उधर जनवरी माह में समग्र मासिक महंगाई दर 8.23 फीसदी दर्ज की गई।
आर्थिक समीक्षा में भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा मौद्रिक समीक्षा में और अधिक सख्ती बरते जाने की सलाह दी गई और कहा गया कि ब्याज दर बढ़ाने से महंगाई दर घटाने में मदद मिलेगी।
मुख्य उद्योगों में उल्लेखनीय क्षमता विस्तार नहीं होने के कारण औद्योगिक विकास को लेकर अधिक उत्साह नहीं दिखाया गया।
समीक्षा में कहा गया कि आधारभूत संरचना में निवेश 208-09 में बढ़कर 7.18 फीसदी हुआ था, जो 11वीं पंचवर्षीय योजना अवधि (मार्च अंत 2012) के पूरा होने तक बढ़कर 8.37 फीसदी पर पहुंच जाएगा।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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