उद्योग जगत को रेल परियोजनाओं के कार्यान्वयन की आशा
रुईया समूह के अध्यक्ष पवन के. रुईया ने आईएएनएस से कहा कि रेलवे से मुख्य अपेक्षा यह है कि पिछले साल किए गए वादे पर तेजी से अमल किया जाए। जैसे समर्पित मालढुलाई गलियारा का तेजी से निर्माण, रेलवे परियोजनाओं का सरकारी निजी भागीदारी से कार्यान्वयन, वैगन और रैक की खरीददारी पर जोड़ और उभरती अर्थव्यवस्था में रेलवे के योगदान की एक स्पष्ट नीति।
रुईया समूह जेसप और कम्पनी लिमिटेड के मालिक हैं, जो रेलवे वैगन और कोच का निर्माण करती है।
उन्होंने कहा कि देश को बड़ी संख्या में नए वैगन ईएमयू और एमईएमयू रैक की जरूरत है। इसकी कमी से राजस्व सहित आम आदमी का भी नुकसान होगा।
उन्होंने कहा कि रिसर्च डिजाइन एंड स्टैंडर्ड ऑर्गनाइजेशन (आरडीएसओ) के एक प्रौद्योगिकी डिजाइन केंद्र की जरूरत है। यह उस राज्य में लगाया जाना चाहिए, जहां रेलवे के सबसे अधिक आपूर्तिकर्ता हैं यानी, पश्चिम बंगाल में।
आरडीएसओ रेलवे की एकमात्र अनुसंधान एवं विकास इकाई है।
मर्चेट्स चैम्बर्स ऑफ कॉमर्स के लौह एवं इस्पात समिति के अध्यक्ष संतोष बाजा ने कहा कि लोहा और इस्पात जैसी आवश्यक वस्तुओं की ढुलाई का किराया कम किया जाना चहिए, क्योंकि महंगाई को कम रखने के लिए इन वस्तुओं की ढुलाई का किराया हमेशा कम होना चाहिए।
उन्होंने कहा कि माल ढुलाई की दर हमेशा कम होनी चाहिए। प्याज की कीमत बढ़ने का कारण यह भी है कि नासिक से दिल्ली और कोलकाता के लिए ढुलाई का किराया बहुत अधिक है।
बजाज ने रेलवे के उस हालिया फैसले की सराहना की, जिसमें सरकारी निजी भागीदारी से लोहे और कोयले की खानों को बड़े उद्योगों से जोड़ने की बात की गई थी।
उन्होंने कहा कि उड़ीसा के बरबिल से दुर्गापुर को रेल से जोड़ने का वे स्वागत करेंगे। क्योंकि इनके बीच सड़क मार्ग का काफी बुरा हाल है।
भारतीय उद्योग परिसंघ के पूर्व अध्यक्ष संजय बुधिया ने कहा कि यात्री ट्रेन का किराया नहीं बढ़ाया जाएगा। ढुलाई का किराया पहले ही ऊंचे स्तर पर है, अब इसमें किसी भी तरह की वृद्धि आत्मघाती कदम होगी।
उन्होंने कहा कि सभी रेलगाड़ियों में स्वच्छता पर विशेष ध्यान दिए जाने की जरूरत है। साथ ही सुरक्षा के लिए पुरानी रेल लाइनों को बदला जाना चाहिए।
जाधवपुर विश्वविद्यालय के प्रोफेसर विपुल मालाकार ने भी दुर्घटना टालने के लिए सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिए जाने की जरूरत बताई।
उन्होंने कहा कि पर्यटन स्थलों पर रेलवे स्टेशनों पर विश्रामालयों को दूसरी और तीसरी श्रेणी के होटलों में परिणत किया जाना चाहिए और प्लेटफॉर्म पर से अतिक्रमण हटाया जाना चाहिए।
एक सरकारी कर्मचारी सौगत पात्रा ने कहा कि उत्तर और दक्षिण बंगाल को जोड़ने के लिए हावड़ा-सिलिगुड़ी दुरंतो एक्सप्रेस चलाई जानी चाहिए।
उन्होंने कहा कि सभी लोकल ट्रेनों में 12 कोच लगाई जानी चाहिए और व्यस्त समय में लम्बी दूरी के लोकल रेलगाड़ियों की संख्या बढ़ाई जानी चाहिए।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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