येदियुरप्पा ने पेश किया बजट, नए कर लगाए
येदियुरप्पा ने दो हिस्सों में बजट पेश किया, जिसका एक हिस्सा अलग कृषि बजट था, जो देश में पहली बार किया गया है। उन्होंने कहा कि संशोधित अनुमान के मुताबिक राजस्व अधिशेष 1,595 करोड़ का रहा और वित्तीय घाटा 11,700 करोड़ रुपये का रहा, जो राज्य के सकल घरेलू उत्पाद का 3.07 फीसदी है।
नए वित्त वर्ष में विकास कार्यो के बढ़े खर्च की व्यवस्था करने के लिए मुख्यमंत्री ने गहने और सोने तथा अन्य धातुओं की वस्तुओं पर मूल्य वर्धित कर (वैट)बढ़ा दिया। अभी इन वस्तुओं पर 13.5-14 फीसदी वैट लगता है।
उन्होंने 17 वर्गो में उत्पाद शुल्क को 10 फीसदी से बढ़ाकर 20 फीसदी करने का प्रस्ताव रखा।
मुख्यमंत्री के पास कर्नाटक के वित्त मंत्री का भी विभाग है। उन्होंने बजट पेश करने में लगभग एक घंटे का समय लिया।
नए बजट में धान, चावल, गेहूं, दाल और अन्य कृषि उत्पादों पर वैट छूट जारी रखा गया है।
मुख्यमंत्री ने संसाधन जुटाने की कोशिशों के तहत सामाजिक, धार्मिक और सहायतार्थ ट्रस्ट के गठन पर 1,000 रुपये के एकमुश्त स्टाम्प शुल्क का प्रस्ताव रखा।
सामाजिक, धर्मार्थ या सहायतार्थ से अलग तरह के ट्रस्ट में सम्पदा के हस्तांतरण पर छह फीसदी शुल्क का प्रस्ताव रखा गया है। उन्होंने कहा कि वे स्टाम्प और पंजीकरण से 300 करोड़ रुपये जुटाने का प्रस्ताव रखते हैं।
शहरी परिवहन कोष में सलाना 20 करोड़ रुपये जमा करने के लिए सेस का एक फीसदी बढ़ाकर 11 फीसदी करने का प्रस्ताव रखा गया। बजट में मोटर वाहन कर में हालांकि कोई बदलाव नहीं किया गया।
वित्त वर्ष 2011-12 में कुल आमदनी 83,729 करोड़ रुपये की दिखाई गई है, जिसमें से 66,313 करोड़ रुपये राजस्व में और 17,416 करोड़ रुपये पूंजी मद में दिखाए गए हैं। इसी तरह कुल खर्च 85,319 करोड़ रुपये का दिखाया गया है, जिसमें से 65,034 करोड़ रुपये राजस्व खर्च और 20,285 करोड़ रुपये पूंजी मद में दिखाये गए हैं।
नए वित्त वर्ष में 1,279 करोड़ रुपये के राजस्व अधिशेष और 12,482 करोड़ रुपये के वित्तीय घाटा का अनुमान लगाया गया है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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