घोटालों के दोषियों को बख्शेंगे नहीं : प्रधानमंत्री (राउंडअप)
राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद ज्ञापित करते हुए मनमोहन सिंह ने लोकसभा में 2जी स्पेक्ट्रम आवंटन मामले के संदर्भ में कहा कि संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार ने राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार द्वारा लागू की गई दूरसंचार स्पेक्ट्रम आवंटन नीति को ही जारी रखा। स्पेक्ट्रम की नीलामी न करने की इस नीति को जारी रखने का फैसला दूरसंचार क्षेत्र के हित में और आम जनता को इसका लाभ पहुंचाने के लिए किया गया था।
भारतीय दूरसंचार प्राधिकरण (ट्राई) ने दूरसंचार क्षेत्र के हित में स्पेक्ट्रम की नीलामी न करने के लिए सम्बंधित मंत्रालय के विचार का समर्थन किया था। प्रधानमंत्री ने कहा कि ट्राई की अनुशंसा के मुताबिक उन्होंने महसूस किया कि इस क्षेत्र कि कम्पनियों को समान अवसर दिलाने और ज्यादा से ज्यादा लोगों तक इस क्षेत्र का लाभ पहुंचाने के लिए इस नीति को जारी रखना सही है।
महंगाई घटकर 7 प्रतिशत तक आ जाएगी :
प्रधानमंत्री ने महंगाई को चिंता का एक कारण स्वीकार करते हुए कहा कि मार्च तक यह घटकर सात प्रतिशत तक आ जाएगी।
प्रधानमंत्री ने कहा, "महंगाई पिछले 18 महीनों से समस्या बनी हुई है। हम इस पर नियंत्रण के लिए प्रतिबद्ध हैं।"
प्रधानमंत्री ने कहा, "मुझे उम्मीद है कि इस वित्त वर्ष के अंत तक महंगाई दर घटकर सात प्रतिशत तक आ जाएगी. मुझे उम्मीद है खाद्य महंगाई दर में भी कमी आएगी.. मेरा मानना है कि हालात में सुधार होगा।"
महंगाई के मुद्दे पर प्रधानमंत्री ने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर पहुंच चुकी हैं। अंतर्राष्ट्रीय बाजार में पेट्रोलियम पदार्थो से लेकर खाद्य पदार्थो तक सभी जिंसों के दामों में लगातार वृद्धि हुई है। अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कीमतों पर सरकार का नियंत्रण नहीं है ऐसे में घरेलू बाजार में भी कीमतें बढ़ती हैं।
प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार गेहूं, चावल और मोटे अनाजों जैसी जिंसों की कीमतें नियंत्रित करने में सक्षम है और इनकी कीमतें नियंत्रित हैं। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली में सुधार की जरूरत है। इसके लिए सरकार खाद्य सुरक्षा विधेयक लाने का प्रयास कर रही है। खाद्य सुरक्षा तंत्र लागू होने पर महंगाई को नियंत्रित किया जा सकेगा।
बाद में राज्य सभा में इस विषय पर प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार संसद के इसी सत्र में खाद्य सुरक्षा विधेयक को पारित कराने के लिए पूरी कोशिश करेगी।
उन्होंने कहा कि महंगाई का सबसे बुरा प्रभाव गरीबों पर पड़ा है। इसलिए जनवितरण प्रणाली को दुरुस्त करना जरूरी है।
उन्होंने कहा कि अनाजों की कीमतें बढ़ी हैं, लेकिन जनवितरण प्रणाली में इनकी कीमतें नहीं बढ़ाई गई हैं।
सिंह ने अंतर्राष्ट्रीय बाजार के बारे में कहा कि चीन में गेहूं की पैदावार कम हुई है, इसलिए अंतर्राष्ट्रीय खाद्य कीमतें बढ़ेंगी।
सिंह ने कहा कि सरकार कृषि की उपज बढ़ाने की कोशिश पर ध्यान केंद्रित करेगी।
उन्होंने कहा, "हम अनाजों की कीमतों पर नियंत्रण कर सकते हैं और अनाजों की कीमतें नियंत्रित रही हैं। हमें विकास की प्रकिया को बाधित किए बिना महंगाई पर नियंत्रण करना होगा। कृषि क्षेत्र में निवेश और उत्पादकता बढ़ाकर महंगाई पर नियंत्रण किया जा सकता है।"
बख्शे नहीं जाएंगे 2जी स्पेक्ट्रम घपले के दोषी :-
प्रधानमंत्री ने कहा कि 2जी स्पेक्ट्रम मामले में यदि कोई दोषी पाया जाता है, उसके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। राज्यसभा में उन्होंने कहा, "2जी स्पेक्ट्रम पर विवाद नहीं होना चाहिए। यदि कोई दोषी पाया जाता है, उसके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।"
प्रधानमंत्री ने कहा कि स्पेक्ट्रम के आवंटन की प्रक्रिया में जो गड़बड़ियां हुईं उनके दोषियों पर कानूनी कार्रवाई की जा रही है। सरकार ने इस बात का स्पष्ट संदेश दिया है कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। भ्रष्टाचार के मामलों में सरकार ने सख्त कार्रवाई की है। सरकार सार्वजनिक जीवन को स्वच्छ बनाने की अपनी प्रतिबद्धता पर अडिग है।
उन्होंने कहा, "जब मैंने दूरसंचार नीति पर विचार किया तब मंत्रालय ने नीलामी नहीं करने का निर्णय लिया ताकि इस क्षेत्र की सभी कम्पनियों को समान अवसर मिल सकें और हमने इस नीति को जारी रखा.. दूरसंचार सभी के लिए उपलब्ध होना चाहिए।"
उन्होंने कहा, "समस्याओं के बारे में संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी), लोक लेखा समिति (पीएसी) और केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) काम कर रहे हैं। सच को सामने लाने के लिए हमारी सरकार इन सभी एजेंसियों से पूरा सहयोग करेगी।"
घोटालों से विकास नहीं रुकना चाहिए :
प्रधानमंत्री ने कहा कि घोटालों की छाया से देश के दूरसंचार क्षेत्र का शानदार विकास रुकना नहीं चाहिए। "लोग घोटालों की बात कर रहे हैं। और यदि घोटाला है तो इससे निपटा जाएगा लेकिन इनकी छाया से दूरसंचार क्षेत्र में हुआ शानदार विकास धूमिल नहीं होना चाहिए।"
उन्होंने कहा कि पिछले कुछ वर्षो में देश में दूरसंचार घनत्व में शानदार वृद्धि दर्ज की गई है। उन्होंने कहा, "यदि आप आंकड़े देखें तो मार्च 2004 में ग्रामीण इलाकों में दूरसंचार घनत्व 1.55 प्रतिशत, शहरी इलाकों में 20.5 प्रतिशत और देश में कुल 7.7 प्रतिशत था।"
"वहीं दिसम्बर 2010 में ग्रामीण इलाकों में दूरसंचार घनत्व बढ़कर 31.18 प्रतिशत, शहरी इलाकों में 47 प्रतिशत और पूरे देश में कुल 66 प्रतिशत हो गया।"
उन्होंने कहा कि यह सब स्पेक्ट्रम की नीलामी न करने की राष्ट्रीय दूरसंचार नीति के कारण ही संभव हुआ है। उन्होंने कहा, "दूरसंचार नीति(पहले आओ पहले पाओ की नीति के जरिए स्पेक्ट्रम आवंटन) में कुछ गलत नहीं है । हमारी सरकार ने इसी नीति को लागू किया है और इस नीति के लाभ काफी ज्यादा रहे हैं।"
काले धन के मुद्दे पर विपक्ष के साथ है सरकार:-
विदेशों में जमा भारतीयों के काले धन के मामले पर विपक्ष की चिंताओं से सहमति जताते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि काले धन के मुद्दे पर केंद्र सरकार और विपक्ष की चिंताएं एक समान हैं और देश में गरीबी मिटाने के लिए विदेशों में जमा भारतीयों के काले धन को वापस लाने के लिए सभी उपाय किए जाएंगे।
"हम विपक्ष की इस बात से सहमत हैं कि विदेशों में जमा काले धन को वापस लाने के लिए सभी प्रयास किए जाने चाहिए।"
उन्होंने कहा, "हम इस खराबी को दूर करके व्यवस्था को स्वच्छ बनाना चाहते हैं। काले धन का संग्रह पिछले चार या पांच साल में नहीं हुआ है बल्कि यह एक पुरानी समस्या है।"
उन्होंने कहा कि सरकार इस मुद्दे पर सभी विपक्षी दलों के साथ है और काले धन की समस्या से निपटने के लिए उनकी मदद लेना चाहती है। "सभी रचनात्मक सुझावों पर विचार किया जाएगा। यह मुद्दा सदन को बांटने के लिए नहीं है। सभी पार्टियों को एक साथ मिलकर इस मसले का हल निकालना चाहिए।"
कश्मीर में 1 लाख युवाओं को मिलेगा रोजगार:-
जम्मू एवं कश्मीर में युवाओं को अब बेरोजगारी का दंश नहीं झेलना होगा। केंद्र सरकार प्रदेश में युवाओं के लिए 50,000 से 1,00,000 नौकरियों का सृजन करेगी। इस पर राय देने के लिए एक पैनल का गठन भी किया गया है, जो जल्द ही अपनी रिपोर्ट देगी। सरकार को भरोसा है कि रोजगार के बाद क्षेत्र में युवाओं की मानसिकता में सकारात्मक बदलाव होगा।
प्रधानमंत्री ने कहा, "कश्मीरी युवाओं को रोजगार दिलाने की दिशा में केंद्र सरकार राज्य की हरसंभव मदद करेगी। केंद्र उनके लिए 50,000 से 1,00,000 तक नौकरी सृजित करने की दिशा में काम कर रही है। यह उनकी मानसिकता में सकरात्मक बदलाव में कारगर साबित होगी।"
प्रधानमंत्री ने बताया कि सरकार ने इसके लिए रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के भूतपूर्व गवर्नर सी रंगराजन के नेतृत्व में विशेषज्ञों का एक पैनल भी बनाया है, जो जल्द ही अपनी रिपोर्ट देगा।
मनमोहन सिंह ने कहा, "पिछले साल गर्मी के दिनों में राज्य में तनावपूर्ण स्थिति थी। लेकिन तब से अब तक स्थिाति में काफी सुधार हुआ है। इस बार गर्मियों में स्थिति पूरी तरह बदली-बदली होगी।"
उन्होंने जोर देकर कहा कि सरकार अलगाववादियों से कोई समझौता नहीं करेगी। उन्होंने नेताओं से भी जम्मू एवं कमश्मीर के शांतिपूर्ण हालात को नहीं बिगाड़ने की अपील की।
पाकिस्तान से शांतिपूर्ण सम्बंध की उम्मीद :-
प्रधानमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार पाकिस्तान के साथ हर मुद्दे को हल करना चाहती है। उन्होंने कहा, "हम पाकिस्तान के साथ हर मुद्दे को हल करना चाहते हैं .. हमें उम्मीद है कि पाकिस्तान दोस्ती के लिए बढ़ाए हमारे हाथ को जरूर थामेगा।"
साम्प्रदायिक सौहार्द के लिए देश को बधाई:-
प्रधानमंत्री ने देशवासियों को अयोध्या के विवादित स्थल पर फैसला आने के बाद परिपक्वता दिखाने और साम्प्रदायिक सौहार्द बनाए रखने के लिए बधाई दी।
प्रधानमंत्री ने कहा, "देश में साम्प्रदायिक स्थिति बहुत संतोषजनक है।" उन्होंने कहा, "जब बाबरी मस्जिद पर फैसला घोषित होने वाला था तब भय का वातावरण बना हुआ था। इस तरह की कोई अप्रिय घटना न होने के लिए मैं देशवासियों को धन्यवाद और बधाई देना चाहता हूं।"
उन्होंने कहा, "गुजरात जैसे राज्य में भी लोगों ने परिपक्वता दिखाई। मैं उम्मीद करता हूं कि यह साम्प्रदायिक सौहार्द जारी रहेगा।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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