ट्यूनीशिया में बगावत क्रूर दमन का नतीजा : संयुक्त राष्ट्र
समाचार एजेंसी डीपीए ने मानवाधिकार उच्चायुक्त कार्यालय (ओएचसीएचआर) के हवाले से बताया, "राजनीतिक एवं आर्थिक जीवन पर एकाधिकार बनाए रखने के लिए सत्ता में मौजूद लोगों ने ट्यूनीशिया के नागरिकों को उनके आर्थिक और सामाजिक अधिकारों से वंचित किया।"
ओएचसीएचआर के मुताबिक, "इसके अलावा अधिकारियों ने उन्हें नागरिक एवं राजनीतिक अधिकारों को भी देने से इंकार किया।"
ओएचसीएचआर की 18 पन्नों की यह रिपोर्ट पिछले महीने के अंत में ट्यूनीशिया में कराए गए एक सर्वेक्षण में प्राप्त निष्कर्षो पर आधारित है।
रिपोर्ट के मुताबिक बेन अली ने जनता की सुधारों की मांग को नजरअंदाज किया और उन्हें प्रताड़ित एवं विपक्ष को कुचलने के लिए बल प्रयोग किया।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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