कच्चे तेल का दाम 100 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंचा
लीबिया के तानाशाह मुअम्मार गद्दाफी ने मंगलवार को दिए अपने बयान में इस्तीफा देने से इंकार करते हुए विद्रोहियों के खिलाफ सख्त रुख अपनाने का संकल्प जताया था। जानकारों को आशंका है कि इस संकट के चलते कच्चे तेल की आपूर्ति में लम्बी अवधि के लिए बाधा पैदा हो सकती है या ओपेक देशों के तेल उद्योग को नुकसान पहुंच सकता है।
लीबिया की ज्यादातर तेल उत्पादन क्षमता और बंदरगाह देश के पूर्वी हिस्से में स्थित हैं। खबरों के मुताबिक इस हिस्से पर गद्दाफी सरकार का राजनीतिक नियंत्रण खत्म हो गया है।
लीबिया में खनन कार्य कर रही कम्पनियों ने उत्पादन कार्य रोक दिया है और कर्मचारियों को सुरक्षित निकाल रही हैं। इटली की ईएनआई, स्पेन की रेप्सोल, फ्रांस की टोटल, नार्वे की स्टेटऑयल और जर्मनी की बीएएसएफ सहित ब्रिटेन की ब्रिटिश पेट्रोलियम ने भी लीबिया में कच्चे तेल का ज्यादातर उत्पादन कार्य बंद कर दिया है और वह अपने कर्मचारियों को सुरक्षित निकाल रही हैं।
लाइट, स्वीट क्रूड अप्रैल वायदा का भाव 2.68 डॉलर प्रति बैरल बढ़कर 98.10 डॉलर प्रति बैरल पर बंद हुआ। न्यूयार्क मर्के डाइल एक्सचेंज पर दो सत्रों के कारोबार में इसमें 10 प्रतिशत की तेजी आई है। वहीं लंदन में ब्रेंट क्रूड ऑयल वायदा का दाम 110 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।













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