दिल्ली हवाईअड्डे को विकास शुल्क से मिला 1,199 करोड़ रुपये
सरकार ने डायल को विकास शुल्क के रूप में एक मार्च, 2009 से प्रति अंतर्राष्ट्रीय यात्री 1,300 रुपये और प्रति घरेलू यात्री 200 रुपये लेने की मंजूरी दी है।
यह शुल्क 36 महीनों तक लिया जाना है। इससे हासिल होने वाली राशि का उपयोग इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाईअड्डा के उन हिस्सों के विकास में किया जाएगा, जिसे लीज की अवधि समाप्त होने पर भारतीय हवाईअड्डा प्राधिकरण के सुपुर्द कर दिया जाना है।
डायल विभिन्न कम्पनियों का एक साझा उपक्रम है, जिसकी 54 फीसदी हिस्सेदारी के साथ अगुवाई जीएमआर समूह करता है। इसमें भारतीय हवाईअड्डा प्राधिकरण की 26 फीसदी, तथा फ्रैपोर्ट एजी और इरमान मलेशिया की 10-10 फीसदी हिस्सेदारी है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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