माकपा को जेपीसी के गठन की घोषणा के 'तरीके' पर आपत्ति
वरिष्ठ माकपा नेता सीताराम येचुरी ने कहा, "प्रधानमंत्री यह कहकर अपनी ही पीठ थपथपा रहे हैं कि वह संसद में चल रहे गतिरोध को लेकर चिंतित हैं और चाहते हैं कि संसद की कार्यवाही चले, जबकि सरकार की निष्क्रियता के कारण ही यह स्थिति पैदा हुई थी।"
पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा, "केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई), लोक लेखा समिति (पीएसी) और यहां तक कि न्यायमूर्ति पाटिल की रिपोर्ट सहित सरकार द्वारा दिए गए सभी कारण जाहिर हैं, लेकिन माकपा जेपीसी के जरिए इस बात की जांच चाहती है कि कैसे सरकारी तंत्र का दुरुपयोग किया गया।"
उन्होंने कहा कि स्वान और यूनिटेक जैसी कम्पनियों ने सरकार से जिस दर पर 2जी स्पेक्ट्रम का लाइसेंस हासिल किया था, उससे कम से कम छह गुना अधिक दाम पर उन्होंने अपने शेयर बेच दिए।
येचुरी के मुताबिक संसद की स्थायी समिति के गठन की सामान्य प्रक्रिया है जिसमें अध्यक्ष के अतिरिक्त 30 सदस्य होते हैं। जेपीसी गठन के मामले में भी सरकार को यही प्रक्रिया अपनानी चाहिए।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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