लीबिया: प्रदर्शनकारियों का बेनग़ाज़ी पर 'नियंत्रण'

लीबिया के अन्य शहरों में भी संघर्ष की ख़बरें आ रही हैं लेकिन पत्रकारों पर प्रतिबंध होने के कारण बहुत कम जानकारी हासिल हो पा रही है.एक अन्य ख़बर के अनुसार लीबिया सरकार ने अफ़्रीकी भाड़े के सैनिक सड़कों पर उतार दिए हैं.इसके पहले मानवाधिकार संगठन 'ह्यूमन राइट्स वॉच' ने कहा था कि हाल में प्रदर्शनकारियों पर मशीनगनों और घातक हथियारों से हमले के बाद मरने वालों की संख्या 170 तक पहुंच गई है.
शहर के एक डॉक्टर ने बीबीसी को बताया था कि अस्पतालों में आने वाले ज़्यादातर लोगों के गर्दन, छाती और सिर पर गोलियां लगी हैं.उनका कहना था कि शहर की स्थिति नारक जैसी है.उन्होंने बताया कि अस्पतालों को हताहतों से निबटने में मुश्किल पेश आ रही है.
हिंसा की कड़ी आलोचना
ब्रितानी विदेश मंत्री विलियम हेग ने लीबिया के बेनग़ाज़ी शहर में फ़ायरिंग और हिंसा को 'ख़ौफ़नाक और अस्वीकार्य' बताया है.उनका कहना था, ''मैंने लीबिया के नेता के बेटे सैफ़ अल इस्लाम ग़द्दाफ़ी से कहा कि सरकार की किसी भी कार्रवाई को अंतरराष्ट्रीय आलोचनाओं का सामना करना पड़ेगा.''लीबिया की राजधानी त्रिपोली से लगभग एक हज़ार किलोमीटर दूर स्थित बेनग़ाज़ी में प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार अफ़रातफ़री और अराजकता का माहौल है.
लीबिया में पत्रकारों को राजधानी त्रिपोली से बाहर जाने की इजाज़त नहीं है और इन घटनाओं के कुछ ही विवरण मिल रहे हैं.मिस्र और ट्यूनिशिया में भीषण विरोध प्रदर्शनों और सत्ता परिवर्तन के बाद पिछले कुछ दिनों में लीबिया में भी सरकार विरोधी प्रदर्शन हो रहे हैं.लीबिया में पिछले लगभग 41 साल से कर्नल गद्दाफ़ी सत्ता में बने हुए हैं.मिस्र में 11 फ़रवरी को सत्ता परिवर्तन के बाद से लीबिया में लोकतंत्र के समर्थन में प्रदर्शन ज़ोर पकड़ रहे हैं.












Click it and Unblock the Notifications