विधायकों के निलम्बन को लेकर ठप्प रही आंध्र विधानसभा
विधानसभा उपाध्यक्ष नादेन्ला मनोहर ने शोर-शराबे के बीच दो बार सदन की कार्यवाही स्थगित की। तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस) और तेलुगू देशम पार्टी (तेदेपा) सदस्य कार्यवाही में बाधा पहुंचा रहे थे, वे पांचों विधायकों का निलम्बन वापस लिए जाने की मांग कर रहे थे।
टीआरएस के तीन विधायकों और तेदेपा के दो विधायकों को शुक्रवार को एक सप्ताह के लिए निलम्बित कर दिया गया था। इससे एक दिन पहले राज्यपाल ई.एस.एल. नरसिम्हन राज्य विधानसभा के दोनों सदनों के संयुक्त सत्र में भाषण दे रहे थे, इस दौरान इन विधायकों द्वारा किए गए अनियंत्रित व्यवहार के चलते उनका निलम्बन किया गया था।
तेदेपा सदस्य रेवंत रेड्डी को सदन के द्वार पर जब मार्शलों द्वारा रोका गया तो सुरक्षाकर्मियों और तेदेपा विधायकों के बीच बहस हुई।
सदन के अंदर विपक्षी दलों ने निलम्बन वापस लिए जाने का मांग उठाई। विपक्ष के नेता व तेदेपा अध्यक्ष एन. चंद्रबाबू नायडू ने भी इस मांग का समर्थन किया।
सत्तारूढ़ कांग्रेस ने इस मांग का विरोध किया। श्रम मंत्री दनम नागेंदर ने कहा कि पांचों विधायकों ने अपने व्यवहार से पूरे राज्य को शर्मिदा किया है, ऐसे में इस तरह की मांग किया जाना शर्मनाक है।
उन्होंने कहा कि निलम्बन वापस तभी लिया जा सकता है जब विधायक अपने व्यवहार के लिए लोगों से माफी मांगें।
नागेंदर की इस टिप्पणी के बाद तेदेपा और टीआरएस विधायकों ने इसका जोरदार विरोध शुरू कर दिया, जिसके बाद सदन को स्थगित कर देना पड़ा।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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