बहरीन, लीबिया, यमन में आंदोलन तेज़, 33 मरे

बहरीन में सुरक्षाकर्मियों और प्रर्दशनकारियों की बीच हुई झड़पों में चार लोगों की मौत हो गई है जबकि कम से कम 50 घायल हैं.अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने विरोध कर रहे लोगों के ख़िलाफ़ हिंसा और बल प्रयोग की कड़े शब्दों में आलोचना की है.अमरीकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने बहरीन, लीबिया और यमन में प्रर्दशनकारियों के ख़िलाफ़ बल प्रयोग की कड़ी निंदा की है और कहा है कि ऐसे वक्त में संयम बरतने की ज़रूरत है.
इस बीच ब्रिटेन और फ्रांस ने कहा है कि वे बहरीन और लीबिया में सुरक्षा उपकरणों के निर्यात पर रोक लगा रहे हैं क्योंकि इनका इस्तेमाल प्रर्दशनकारियों के ख़िलाफ़ किया जा सकता है.
बहरीन
बहरीन के सुल्तान शेख़ हामद बिन ईसा अल ख़लीफ़ा ने युवराज सलमान बिन हामद अल ख़लीफ़ा से राष्ट्रीय स्तर पर बातचीत की शुरूआत करने को कहा है.हुकुमत की तरफ़ से जारी एक बयान में कहा गया है कि युवराज सलमान बिन हामद अल ख़लीफ़ा सभी गुटों से बातचीत करेंगे.पिछले कई दिनों से जारी सरकार विरोधी प्रर्दशनों और सुरक्षा बलों के साथ प्रर्दशनकारियों की झड़पों को लेकर राजधानी मनामा में भय और अफरातफरी का माहौल छाया हुआ है.
मध्य-पूर्व की बदलती स्थिति को लेकर अमरीका चिंतित है.गरूवार को देश में बदलाव और सुधार की मांग कर रहे प्रर्दशनकारियों ने फिर से मनामा के मुख्य चौराहे पर्ल स्कवायर पर क़ब्ज़ा करने की कोशिश की. इसे रोकने के लिए सुरक्षा बलों ने गोलियां चलाईं जिसमें चार लोगों की मौत हो गई है और कम से कम 50 लोग ज़ख़्मी हैं.
ख़बरों के मुताबिक़ सेना की टुकड़ियों ने विरोध कर रहे लोगों को सुरक्षा घेरे से बाहर करने के लिए उनपर भारी हथियारों का भी इस्तेमाल किया.प्रर्दशनकारी सुधारों के अलावा देश में पिछले 200 सालों से मौजूद राजशाही के ख़ात्मे की भी मांग कर रहे हैं.शिया-बाहुल्य बहरीन का राज परिवार सुन्नी वंश से तालुक्क़ रखता है.
ब्रिटेन से 1971 में आज़ाद होने के बाद बहरीन में संपन्न सुन्नी लोगों और कम संपन्न शिया समुदाय के बीच तनाव रहा है. शिया गुटों का कहना है कि वे हाशिए पर हैं और उन्हें दबाया जाता है.
दस लाख से भी कम की जनसंख्या वाला बहरीन मध्य-पूर्व में अमरीका के सबसे निकट सहयोगी सऊदी अरब के करीब स्थित है.
लीबिया
इधर लीबिया की हुकुमत ने प्रर्दशनकारियों को मूँहतोड़ जवाब देने की चेतावनी दी है.
लीबियो के नेता कर्नल गद्दाफ़ी के विचारों का प्रसार-प्रचार करनेवाली संस्था रेवूलीशनरी कमिटि ने कहा है कि विद्रोह और उसके नेता वामपंथी विचारधारा से प्रभावित हैं और 'उनका साथ देनेवाला हर आदमी आग से खेल रहा है.'कर्नल गद्दाफ़ी 1969 में लीबिया में हुए सत्ता पलट के बाद से शासन में मौजूद हैं.
लीबिया के दुसरे बड़े शहर बेनगाज़ी से आ रही ख़बरों के मुताबिक़ हज़ारों प्रर्दशनकारी फिर से सड़को पर उतर आए हैं.कभी पश्चिमी देशों को चिंता में डालने वाले ग़द्दाफ़ी फिलहाल ख़ुद मुश्किल घड़ी का सामना कर रहे हैं.कुछ अपुष्ठ ख़बरों के अनुसार शुक्रवार को बेनगा़जी़ में हुए प्रर्दशनों में कम से कम 50 लोग मारे गए थे. खबर ये भी है कि विरोधी गुटों ने अल बैदा शहर पर भी क़ब्ज़ा कर लिया है.
हालांकि इस ख़बर की पुष्ठि नहीं हो पाई है.
यमन
मिस्र की क्रांति के लगभग साथ-साथ यमन में शुरु हुआ आंदोलन किसी तरह थमने का नाम नहीं ले रहा है हालांकि कई दफ़ा राष्ट्रपति अली अब्दुल्ला सालेह के सर्मथक प्रर्दशनकारियों पर भारी पड़े हैं.इस बीच राष्ट्रपति से फ़ौरन सत्ता छोड़ने की मांग कर रहे पाँच प्रर्दशनकारियों की दो अलग-अलग घटनाओं मे मौत हो गई है जबकि 20 घायल हैं.
दक्षिणी शहर तायज़ में सुरक्षा बलों ने लोगों को तितर-बितर करने के लिए गोलियाँ चलाईं जिसमें चार लोग मारे गए हैं.तायज़ में राष्ट्रपति के सर्मथकों ने अपनी एक अलग रैली आयोजित की थी.












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